इंदौर, रविकांत वर्मा। इंदौर के एमवाय अस्पताल में एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता द्वारा स्ट्रेचर पर करीब एक किलोमीटर तक ले जाने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मामले की जांच में अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए गए हैं।


जानकारी के अनुसार न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पीड़ित एक बच्चे को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भेजा गया था। इस दौरान भीषण गर्मी में बच्चे के माता-पिता उसे स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल परिसर से दूसरे भवन तक पैदल पहुंचे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया और उच्च स्तर पर इसकी जांच कराई गई।


जांच रिपोर्ट में पाया गया कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों को मौके पर पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराना चाहिए था, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मामले में हेल्प डेस्क प्रभारी और सिक्योरिटी ऑफिसर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।


इसके अलावा अस्पताल संचालन से जुड़ी बीवीजी कंपनी पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। वहीं एक डॉक्टर, तीन नर्सों और एक वार्ड बॉय का एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव और विभागाध्यक्ष डॉ. परेश सोडिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।


घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।