डॉ. अरुण गुप्ता ने 55 हजार मरीजों को दी फिजियोथैरेपी से नई जिंदगी

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छतरपुर(संजय अवस्थी)। जिला अस्पताल में पदस्थ प्रसिद्ध फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अरुण गुप्ता इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव के चलते उन्होंने अब तक लगभग 55,000 से अधिक लोगों को फिजियोथैरेपी के माध्यम से निशुल्क राहत पहुंचाई है। अस्पताल आने वाले गंभीर मरीजों, विशेषकर जिनकी हड्डियां टूट चुकी हैं, उनके लिए डॉ. गुप्ता किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहे हैं।
टूटी हड्डियों और पुराने दर्द का सफल इलाज
अक्सर हड्डी टूटने के बाद ऑपरेशन तो हो जाता है, लेकिन अंगों की गतिशीलता वापस लाने में मरीजों को काफी संघर्ष करना पड़ता है। जिला अस्पताल में डॉ. अरुण गुप्ता अपनी विशेषज्ञता से ऐसे मरीजों की फिजियोथैरेपी कर रहे हैं, जिससे उनकी टूटी हुई हड्डियां न केवल तेजी से जुड़ रही हैं, बल्कि मरीज पहले की तरह चलने-फिरने में भी सक्षम हो रहे हैं।
इन रोगों में मिल रही है विशेष राहत
डॉ. गुप्ता के पास जिला अस्पताल में हर रोज बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। उनके द्वारा मुख्य रूप कमर और गर्दन का दर्द, घुटनों और एड़ी का पुराना दर्द, लकवा के मरीजों का पुनर्वास, हड्डी टूटने के बाद की जकडऩ को दूर करना, मांसपेशियों और नसों से जुड़ी समस्याएं का प्रभावी उपचार किया जा रहा है।
सेवा ही परम धर्म
जिला अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज गरीब और मध्यम वर्ग के होते हैं, जो निजी क्लीनिकों की महंगी फीस नहीं भर सकते। डॉ. अरुण गुप्ता ने अपनी सेवाओं के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी अस्पताल में भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
डॉ. अरुण गुप्ता ने कहा कि गलत खान-पान और बेढंगे रहन-सहन की वजह से आजकल जोड़ों और नसों के दर्द की समस्या बढ़ रही है। यदि सही समय पर फिजियोथैरेपी शुरू की जाए, तो बिना ऑपरेशन और भारी दवाओं के भी कई गंभीर रोगों को ठीक किया जा सकता है।
मरीजों का कहना है कि डॉ. गुप्ता न केवल बेहतर इलाज करते हैं, बल्कि उनका व्यवहार और सकारात्मकता आधे रोग को वैसे ही दूर कर देती है। 55 हजार लोगों तक राहत पहुंचाने का यह आंकड़ा उनकी निरंतर मेहनत और सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है।
