दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने गुरुवार को साफ कर दिया कि उसके किसी भी कोर्स में मनुस्मृति को नहीं पढ़ाया जाएगा. ये बयान तब आया जब यूनिवर्सिटी के छात्रों फैकल्टी ने संस्कृत विभाग के एक पेपर में मनुस्मृति को शामिल करने का विरोध किया था .