सिडनी, Sydney / ऑस्ट्रेलिया। भारतीय अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण में, बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को ऑस्ट्रेलिया में उच्च स्तर पर सम्मानित किया गया। Parliament of New South Wales में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान शास्त्री जी को उनके आध्यात्मिक योगदान और समाज में सकारात्मक प्रभाव के लिए औपचारिक सम्मान प्रदान किया गया।
संसद द्वारा जारी सम्मान पत्र में उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि उन्होंने सांस्कृतिक संवाद, पारस्परिक समझ (Mutual Understanding) और वैश्विक स्तर पर मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जहां शास्त्री जी के प्रयासों को “सांस्कृतिक कूटनीति” (Cultural Diplomacy) के रूप में भी देखा गया।सम्मान पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि उनका यह दौरा न केवल भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को वैश्विक मंच पर स्थापित करता है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों और स्थानीय समुदायों के बीच एकता और सहयोग को भी सुदृढ़ करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिडनी में भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ता रुझान यह दर्शाता है कि सनातन परंपराएं अब सीमाओं से परे आधुनिक समाज में अपनी प्रासंगिकता सिद्ध कर रही हैं। समारोह के दौरान एक प्रतिनिधि ने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारत की उस ऋषि परंपरा का सम्मान है, जो “वसुधैव कुटुंबकम” के विचार को आगे बढ़ाती है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान की खबर मिलते ही भारत सहित विश्वभर में फैले बागेश्वर धाम के अनुयायियों में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर इसे भारतीय अध्यात्म की वैश्विक पहचान के रूप में देखा जा रहा है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह दौरा वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

