महाबलीपुरम। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दक्षिणी राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने, आर्थिक गलियारों के निर्माण, ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए मिलकर रणनीति बनाने का आह्वान किया है।
31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि दक्षिणी राज्य देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देते हैं और विनिर्माण, निर्यात तथा सेवा क्षेत्र के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों को विनिर्माण क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स पार्क और माल ढुलाई गलियारों के माध्यम से एक एकीकृत आर्थिक ब्लॉक के रूप में काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु मेट्रो के बोम्मासंद्रा से होसुर तक विस्तार का स्वागत करते हुए इसे अंतरराज्यीय सहयोग का एक मॉडल बताया और परियोजना में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने ‘ड्रग-फ्री साउथ इंडिया’ का आह्वान करते हुए मादक और मन:प्रभावी पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर कड़े नियमन और अनधिकृत वितरण के खिलाफ कार्रवाई की भी अपील की।
सीएम विजय ने दक्षिण के विकास एजेंडे में ब्लू इकोनॉमी को महत्वपूर्ण स्थान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु 1,076 किलोमीटर लंबी तटरेखा वाला राज्य है और बंदरगाहों, तटीय नौवहन, मत्स्य पालन, समुद्री उद्योगों, समुद्री सेवाओं और पर्यटन को लेकर अन्य राज्यों के साथ साझा रणनीति बनाने के लिए तैयार है।
राजकोषीय संघवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वित्त आयोग के कर-वितरण फार्मूले में जरूरत और प्रदर्शन, दोनों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास, राजकोषीय अनुशासन और जनसंख्या स्थिरीकरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को इसके लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को कर दरें तय करने में अधिक लचीलापन देने की मांग की।
अंतरराज्यीय नदी विवादों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निचले तटवर्ती राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए अदालतों के फैसलों, न्यायाधिकरणों के पुरस्कारों और वैधानिक व्यवस्थाओं को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कावेरी जल से जुड़े निर्देशों को समय पर लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा और जल भंडारण स्तर, जिसमें इसे 152 फीट तक बढ़ाना भी शामिल है, न्यायिक फैसलों के अनुरूप तय किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री विजय ने एक बार फिर नीट का विरोध दोहराते हुए केंद्र से राज्य कोटे की मेडिकल, डेंटल और आयुष सीटों पर कक्षा 12 के अंकों के आधार पर दाखिले की अनुमति देने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि नीट परीक्षा ग्रामीण और वंचित वर्गों के छात्रों के लिए नुकसानदेह है।
उन्होंने यह भी मांग की कि कानून के जरिए यह सुनिश्चित किया जाए कि सफल जनसंख्या नियंत्रण के कारण परिसीमन के बाद किसी भी राज्य के संसद में प्रतिनिधित्व के प्रतिशत हिस्से में कमी न आए। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूरा करने वाले राज्यों को सार्वजनिक नीति के जरिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए।” मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि मजबूत राज्य ही मजबूत भारत का निर्माण करते हैं। उन्होंने मतभेदों को बातचीत, आपसी सम्मान और कानून के शासन के जरिए सुलझाने में तमिलनाडु के सहयोग का भरोसा दिलाया।




