बीजिंग। शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सचिवालय के उप महासचिव अहमद सैदमुरोदजोदा ने हाल ही में कहा कि एससीओ के संस्थापक सदस्य देशों में से एक के रूप में चीन लगातार सहयोग के एजेंडे का विस्तार कर रहा है और संगठन के विकास व विस्तार में महत्वपूर्ण उत्प्रेरक की भूमिका निभा रहा है।

सैदमुरोदजोदा ने कहा कि वर्ष 2001 में स्थापना के बाद से एससीओ लगातार अपना ही मार्ग अपनाए हुए है। स्थापना के प्रारंभिक चरण में ही सभी संस्थापक सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करने का निर्णय लिया तथा अन्य देशों, अंतर्राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संगठनों के साथ विभिन्न रूपों में वार्ता, संपर्क और सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की।

आज एससीओ प्रारंभिक 6 संस्थापक सदस्य देशों से विकसित होकर विश्व का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन बन गया है, जिसमें 27 देश भाग ले रहे हैं और 50 से अधिक क्षेत्रों में सहयोग चल रहा है। एससीओ की जनसंख्या विश्व की लगभग आधी है तथा आर्थिक उत्पादन दुनिया का लगभग एक चौथाई है।

सैदमुरोदजोदा ने और बताया कि एससीओ की विकास यात्रा में चीन हमेशा सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि एससीओ के अध्यक्ष देश के रूप में प्रत्येक कार्यकाल के दौरान चीन ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक‑व्यापार तथा मानविकी के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने हेतु महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों में संगठन की भूमिका और प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2025 एससीओ शिखर सम्मेलन (थ्येनचिन) की मुख्य विशेषता भरपूर उपलब्धियां और व्यावहारिक योजनाएं हैं। सम्मेलन में पारित ‘एससीओ की अगले 10 वर्षों (2026-2035) की विकास रणनीति सहित कई दस्तावेजों ने संगठन के विकास के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया है तथा एससीओ के विकास का एक नया अध्याय शुरू कर दिया है।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)