डिप्टी CM का प्रतिनिधि बनकर युवाओं से लाखों की ठगी

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सागर। सोशल मीडिया को हथियार बनाकर सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाने वाले एक शातिर ठग का सागर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी अमन पाठक फेसबुक और इंस्टाग्राम पर महिलाओं/युवतियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवाओं से दोस्ती करता, फिर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेता था। भरोसा जीतने के लिए वह खुद को उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का प्रतिनिधि बताता था।
गिरफ्तारी के बाद सागर शहर और जिले के अलग-अलग थानों में ठगी के शिकार युवाओं की शिकायतों की कतार लग गई है। जांच में सामने आया कि अमन पाठक लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय था और फर्जी भर्ती विज्ञापन पोस्ट करता था। संपर्क करने पर पहले सामान्य बातचीत, फिर सरकार और नेताओं तक “सीधी पहुंच” का दावा कर नौकरी का आदेश तुरंत निकलवाने की बात करता था। इसी भरोसे में आकर युवाओं ने अलग-अलग किश्तों में उसे पैसे दिए।
पुलिस की रणनीति से गिरफ्तारी
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत के अनुसार शुरुआती शिकायतों के बाद पुलिस को संगठित ठगी की आशंका हुई। सोशल मीडिया निगरानी के दौरान जैसे ही आरोपी ने नया फर्जी विज्ञापन डाला, पुलिस ने एक जवान को बेरोजगार युवक बनाकर संपर्क कराया। बातचीत में आरोपी ने पैसे मांगे और भोपाल बुलाया।
भोपाल से दबिश, लग्जरी कार जब्त
पुलिस और साइबर सेल ने मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस कर भोपाल के साकेत नगर स्थित फ्लैट पर दबिश दी और अमन पाठक को गिरफ्तार किया। उसके पास से मोबाइल फोन, दस्तावेज और एक लग्जरी कार जब्त की गई, जिस पर ‘डिप्टी CM प्रतिनिधि’ की नेम प्लेट लगी थी।
विधायक का रिश्तेदार होने का भी दावा
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को एक विधायक का रिश्तेदार भी बताता था और प्रभावशाली लोगों के साथ तस्वीरें साझा कर अपनी पहुंच दिखाता था। उसके खिलाफ सागर शहर व जिले के कई थानों में पहले से शिकायतें दर्ज हैं।
लेन-देन और नेटवर्क की जांच जारी
एएसपी लोकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजैक्शन खंगाले जा रहे हैं। ठगी की रकम कहां खर्च हुई और क्या कोई और शामिल है, इसकी जांच जारी है। अब तक दर्जनों युवाओं के ठगे जाने की पुष्टि हुई है, आगे और पीड़ित सामने आ सकते हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
