फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की जमीनी हकीकत जानने भिंड पहुंची केंद्रीय टीम

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भिंड, अक्षय जोशी। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित 'मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' (एमडीए) अभियान को भिंड जिले में उस समय और मजबूती मिली, जब केंद्रीय मॉनिटरिंग टीम ने जिले का विस्तृत दौरा कर अभियान की प्रगति का मूल्यांकन किया। डॉ. अदिति निशांतकर के नेतृत्व में आए इस विशेष दल ने, जिसमें सदस्य डॉ. रवि भी शामिल रहे, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्वास्थ्य सेवाओं और दवा वितरण की जमीनी स्थिति को परखा।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, केंद्रीय टीम ने जिले के विभिन्न गांवों सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), उप-स्वास्थ्य केंद्र (SC) और स्थानीय विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया, जहां शुरुआत में ग्रामीणों द्वारा दवा सेवन को लेकर हिचकिचाहट या अस्वीकृति जताई गई थी। स्वास्थ्य विभाग की प्रभावी संवाद रणनीति और जनजागरूकता प्रयासों का असर यह रहा कि कई गांवों में प्रारंभिक विरोध अब सकारात्मक सहयोग में बदल चुका है और लाभार्थी स्वयं आगे आकर दवा का सेवन कर रहे हैं।
अभियान की समीक्षा के क्रम में जिला चिकित्सालय भिंड में आशा कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में घर-घर संपर्क की रणनीति, दवा के सेवन के बाद होने वाली किसी भी प्रतिकूल घटना (Adverse Events) की त्वरित रिपोर्टिंग और जिले में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। डॉ. अदिति निशांतकर ने उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक विश्वास और निरंतर संवाद ही फाइलेरिया जैसी बीमारी के समूल उन्मूलन का असली आधार है। उन्होंने भिंड जिले में स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए अंतिम व्यक्ति तक दवा पहुँचाने के निर्देश दिए।
