सीसीटीवी निगरानी से फिर साबित हुई सागर पुलिस की तत्परता

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सागर, जीशान खान – सागर पुलिस की सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था एक बार फिर आम नागरिकों के लिए भरोसे का मजबूत आधार साबित हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सागर के स्पष्ट निर्देशों के तहत कंट्रोल रूम में आने वाले हर पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्ति को त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है। इसी संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता के चलते पुलिस ने एक आर्मी हवलदार का कीमती बैग सुरक्षित रूप से वापस लौटाया।
मिली जानकारी के अनुसार, 1 फरवरी 2026 को सुबह करीब 11 बजे आर्मी हवलदार हरिसिंह पुलिस कंट्रोल रूम सागर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 3 बजे वे तीन बत्ती कटरा से मकरोनिया जाने के लिए ऑटो में सवार हुए थे। उतरते समय उनका एक बैग ऑटो में ही छूट गया। इस बैग में आर्मी फंक्शन के लिए आवश्यक दो कीमती ब्लेज़र थे, जिन्हें तुरंत दोबारा तैयार कराना संभव नहीं था। इस कारण वे अत्यधिक मानसिक तनाव में थे और तत्काल मदद की अपेक्षा लेकर कंट्रोल रूम पहुंचे।
मामले की गंभीरता को समझते हुए उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में कंट्रोल रूम की महिला प्रधान आरक्षक श्रीमती रेखा रजक ने सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की। फुटेज से पीड़ित को सरस्वती स्पोर्ट्स के समीप ऑटो में बैठते हुए चिन्हित किया गया। विभिन्न मार्गों पर लगे कैमरों की मदद से ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त कर लिया गया।
इसके बाद थाना मोतीनगर की चीता मोबाइल टीम के आरक्षक पवन को ऑटो मालिक के निवास पर भेजा गया। ऑटो को सामान सहित कंट्रोल रूम बुलवाया गया। जांच के बाद बैग में मौजूद संपूर्ण सामग्री के साथ इसे आर्मी हवलदार हरिसिंह को सुरक्षित सौंप दिया गया।
इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से सागर पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर प्रशंसनीय सिद्ध हुई। आर्मी हवलदार हरिसिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम की कार्यशैली की मुक्तकंठ सराहना की और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस सफलता में उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान, सहायक उप निरीक्षक रामेश्वर यादव और महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक का विशेष योगदान रहा।
सागर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी ऑटो, बस या अन्य सार्वजनिक वाहन में किसी यात्री का सामान छूट जाए और वह उन्हें प्राप्त हो, तो उसे निकटतम पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम में अवश्य जमा कराएं। इससे वास्तविक मालिक तक सामान सुरक्षित पहुंचाया जा सकेगा।
