छतरपुर, संजय अवस्थी। मध्य प्रदेश के बस संचालकों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और मांगों का निराकरण न होने पर जिला बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त के नाम छतरपुर कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 अगस्त तक उनकी 7 सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो प्रदेश भर के बस संचालक 7 अगस्त 26 की रात्रि 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मध्य प्रदेश राजपत्र दिनांक 07 जुलाई 2026 में प्रकाशित इंदौर संभाग सहित अन्य संभागों के 40 मार्गों का राष्ट्रीयकरण तत्काल रोकने की मांग की गई है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि टुकड़ों-टुकड़ों में मार्गों का राष्ट्रीयकरण करने से निजी बस व्यवसाय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा, 06 जुलाई 2026 को प्रकाशित उस टेंडर को भी निरस्त करने की मांग की गई है, जिसके जरिए रॉयल्टी और कमीशन लेने की तैयारी की जा रही है। संचालकों ने तर्क दिया है कि जब बस, ड्राइवर, कंडक्टर, डीजल और मेंटेनेंस का सारा खर्च उनका अपना है, तो शासन द्वारा रॉयल्टी या कमीशन लेना सर्वथा अनुचित है।
किराया वृद्धि के मुद्दे पर संघ ने ध्यान आकर्षित कराया कि वर्ष 2021 के बाद से बढ़ता डीजल और महंगाई के अनुपात में किराया नहीं बढ़ाया गया है। 15 जून 2026 को किराया निर्धारण बोर्ड की बैठक में 2.50 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे तत्काल लागू किया जाए। साथ ही, परिवहन विभाग में पंजीयन के लिए तैयार खड़ी लगभग 1200 नई बसों को मोटरयान अधिनियम की धाराओं के तहत छूट देकर पंजीकृत करने, यात्री बसों की 15 वर्ष की आयु सीमा समाप्त कर पूर्व की तरह फिटनेस वैधता तक संचालन की अनुमति देने और अंतर्राज्यीय परमिटों के नवीनीकरण को नियमनुसार निरंतर जारी रखने की मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में परिवहन कार्यालय के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। बस ऑपरेटरों का आरोप है कि परिवहन सचिव के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कार्यालयीन अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं आते, जिससे परमिट नवीनीकरण और अन्य विभागीय कार्य समय पर नहीं हो पाते और बस मालिकों का उत्पीडऩ होता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप सिंह, अरविंद गोस्वामी, अरविंद चौरसिया, पुष्पेन्द्र चौरसिया, रामप्रसाद अग्रवाल, राजेश महतों, अमित सहित समस्त बस ऑपरेटरों ने स्पष्ट किया है कि 26 जुलाई को सागर में हुई प्रदेश के 55 जिलों के मोटर मालिकों की बैठक के निर्णयानुसार यदि समय सीमा में मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे प्रदेश में यात्री बसों का संचालन पूरी तरह ठप्प कर दिया जाएगा।




