छतरपुर,संजय। छतरपुर में अनुबंधित मीटर वाचकों का आंदोलन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। लगभग तीन महीने से धरने पर बैठे मीटर वाचकों को अब तक रोजगार नहीं मिलने पर भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखने की बात कही है, जिस पर मीटर वाचक भी खूनी हस्ताक्षर करेंगे।


दरअसल, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 22 अगस्त 2025 के आदेश के बाद छतरपुर वृत्त के कई अनुबंधित मीटर वाचक बेरोजगार हो गए थे। इनकी मांग है कि उन्हें बाह्य स्रोत कार्मिक भर्ती में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। इसी मांग को लेकर मीटर वाचक 25 जनवरी 2026 से वृत्त कार्यालय छतरपुर के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।


धरना दे रहे मीटर वाचकों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक कंपनी के लिए काम किया, लेकिन अब उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। पिछले तीन महीनों में उन्होंने कई बार कंपनी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।


भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बुंदेला ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनरत मीटर वाचकों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी अधिकारियों की मनमानी और शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण यह स्थिति बनी हुई है, जिससे मीटर वाचकों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।


इसी के विरोध में अब आंदोलन को तेज करते हुए 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखने का निर्णय लिया गया है। इस पत्र पर सभी बेरोजगार मीटर वाचक अपने खून से हस्ताक्षर करेंगे। इसकी सूचना जिला कलेक्टर को भी दे दी गई है।


धरना स्थल पर मौजूद मीटर वाचकों ने कहा कि यह कदम मजबूरी में उठाया जा रहा है, क्योंकि उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें रोजगार नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


अब देखने वाली बात होगी कि इस अनोखे और उग्र विरोध के बाद शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या मीटर वाचकों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।