छतरपुर। दुनिया भर में करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी 21 दिवसीय विशेष आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए हैं। उनके प्रस्थान के समय धाम में श्रद्धा और भावुकता का ऐसा ज्वार उमड़ा कि हर आंख नम हो गई।
साधना पर निकलने से पूर्व महाराज श्री ने दोपहर करीब 1:30 बजे भगवान बालाजी के दर्शन किए और सन्यासी बाबा से आज्ञा ली। इसके बाद दोपहर 3 बजे अपनी माता जी का आशीर्वाद लेकर वे अपने गंतव्य की ओर बढ़े। मंदिर से माता जी के निवास तक महाराज श्री पैदल ही निकले। रास्ते भर हजारों श्रद्धालु जयकारे लगाते रहे और अपने गुरु पर फूलों की वर्षा करते रहे। जगह-जगह भक्तों ने उनकी आरती उतारी और इस कठिन साधना की सफलता की कामना की।
6 मई से 26 मई तक एकांतवास
धाम के सेवादार ऋषि शुक्ला के अनुसार, महाराज श्री की यह विशेष साधना 6 मई से 26 मई तक चलेगी। इस 21 दिवसीय अवधि के दौरान वे पूर्णतः एकांत में रहेंगे और गहन आध्यात्मिक तप व साधना करेंगे। साधना पूर्ण होने के पश्चात, 26 मई से 30 मई तक वे बद्रीनाथ धाम में ही भक्तों को अपनी अमृतवाणी से दिव्य कथा का श्रवण कराएंगे।
भक्तों की अटूट श्रद्धा और भावुक विदाई
जैसे ही महाराज श्री की गाड़ी बद्रीनाथ के लिए रवाना हुई, वहां मौजूद शिष्य मंडल और हजारों भक्त अपने आंसू नहीं रोक पाए। शिष्यों का मानना है कि महाराज श्री की यह यात्रा केवल व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि जनकल्याण और सनातन धर्म की मजबूती के लिए एक महासंकल्प है।
साधना के बाद फिर जुटेंगे जनकल्याण में
माना जा रहा है कि इस कठिन साधना के पश्चात महाराज श्री और भी अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ वापस लौटेंगे और दिव्य दरबार व कथाओं के माध्यम से जनसेवा के कार्यों में पुनः सक्रिय होंगे। बद्रीनाथ की यह यात्रा वर्तमान में लाखों भक्तों के लिए प्रेरणा और अटूट श्रद्धा का प्रतीक बनी हुई है।



