छतरपुर/चंदला, जीतेन्द्र तिवारी । जिले के बछौंन से चंदपुरा तक बन रही करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के डामरीकरण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि मामूली बारिश होते ही सड़क की डामर की परत उखड़ने लगी है और नीचे की गिट्टी बाहर निकल रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हुआ होता तो नई सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती।
वहीं चंदला कस्बे में सड़क के साथ बनाई जा रही नालियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि नाली निर्माण में लोहे की सरिया के स्थान पर प्लास्टिक की सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री से बनी नालियां अधिक भार पड़ते ही क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य की निगरानी के लिए नियुक्त सब-इंजीनियर और अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौके पर गुणवत्ता की जांच करने के बजाय पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों की खामोशी से मिलीभगत की आशंका और गहरा रही है।
इस संबंध में जब प्रदेश के राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की निगरानी और कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी नियुक्त हैं तथा आवश्यक कार्रवाई वही करेंगे। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क और नालियों की गुणवत्ता पर हमेशा सवाल उठते रहेंगे।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




