16 वर्षीय नाबालिग से हो रहा था विवाह, लाड़ो टीम की तत्परता से रुका बाल विवाह

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सतना, अंबिका केशरी। नागौद परियोजना क्षेत्र में समय रहते एक बाल विवाह का मामला सामने आने पर प्रशासन और लाड़ो टीम की सक्रियता से नाबालिग की शादी रुकवा दी गई। यहां 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा का विवाह 36 वर्षीय युवक से कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची लाड़ो टीम और प्रशासनिक अमले ने समझाइश के बाद विवाह की प्रक्रिया तत्काल रुकवा दी।
जानकारी के अनुसार रहिकवारा गांव निवासी 36 वर्षीय युवक सुरदहा गांव की नाबालिग लड़की से विवाह रचा रहा था। लड़की वर्तमान में कक्षा 10वीं की छात्रा है। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और रस्में भी शुरू हो गई थीं। इसी दौरान किसी जागरूक व्यक्ति ने चाइल्ड लाइन को मामले की सूचना दी।
सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर लाड़ो टीम, परियोजना अधिकारी एवं संबंधित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। टीम ने पहले परिवार और दूल्हे को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दूल्हा विवाह रोकने को तैयार नहीं हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को बुलाया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी। इसके बाद दूल्हा विवाह न करने को राजी हुआ और शादी की प्रक्रिया तत्काल रोक दी गई।
जांच में सामने आया कि नाबालिग लड़की के पिता जेल में हैं, जबकि मां किसी अन्य व्यक्ति के साथ घर छोड़ चुकी है। परिवार में दो छोटी बहनें और एक भाई हैं, जो वर्तमान में अपने 75 वर्षीय दादा के साथ रह रहे हैं। दादा ने उम्र और आर्थिक कमजोरी का हवाला देते हुए बच्चों की जिम्मेदारी निभाने में असमर्थता जताई थी, जिसके चलते जल्दबाजी में विवाह कराया जा रहा था।
प्रशासन ने तीनों बच्चों को संरक्षण में लेते हुए वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही उन्हें जबलपुर शिफ्ट किया जाएगा, जहां उनकी शिक्षा और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाएगी। वहीं नाबालिग लड़की को परीक्षा समाप्त होने के बाद दादी के पास शहडोल भेजा जाएगा।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी घटनाओं की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग या चाइल्ड लाइन को दें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।
