भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए चतुर्थ क्रमोन्नति (फोर्थ टाइम स्केल) लागू करने का निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अब शिक्षकों को 12, 24 और 30 वर्ष की सेवा के बाद मिलने वाले लाभ के साथ 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर अतिरिक्त वेतनमान का लाभ मिलेगा।
यह नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी माना जाएगा, जिससे प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। पात्र शिक्षकों को सवा लाख रुपए से लेकर लगभग 1.80 लाख रुपए तक एरियर मिलने का अनुमान है। यह निर्णय विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए राहत भरा है, जो पदोन्नति से वंचित रह गए थे लेकिन लंबी सेवा पूरी कर चुके हैं।
प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को उनके पदानुसार उच्चतर पे-लेवल का लाभ दिया जाएगा, जिससे उनकी मासिक वेतन में भी वृद्धि होगी। वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे योजना के क्रियान्वयन का मार्ग साफ हो गया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
सरकार के अनुसार, 1 जुलाई 2023 तक 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को एरियर का लाभ दिया जाएगा, जबकि 2023 से 2026 के बीच पात्रता पूरी करने वालों को उनकी पात्रता तिथि से एरियर प्रदान किया जाएगा।

