जम्मू/नई दिल्ली, 22 अगस्त । जम्मू में आयोजित एफआईसीसीआई एफएलओ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख (जेकेएल) के प्रमुख कार्यक्रम "द पावर टू एम्पावर: वाइब्रेंट वर्व, एडिशन-4" ने महिला उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और स्थानीय शिल्प को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इस आयोजन में देशभर से महिला उद्यमी, कारीगर, डिजाइनर और गृहिणियां अपने उत्पादों और रचनात्मक कार्यों का प्रदर्शन कर रही हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को व्यापारिक अवसरों से जोड़ना और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।इस दौरान, एफआईसीसीआई एफएलओ जेकेएल की चेयरपर्सन वर्षा बंसल ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि संगठन इस चौथे संस्करण को लेकर बेहद उत्साहित है क्योंकि इस बार एक लाइफस्टाइल प्रदर्शनी को सामाजिक उद्देश्य के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में देशभर से करीब 45 प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प कलाकारों को भी प्रमुखता दी गई है।

उन्होंने कहा, "इस कार्यक्रम को लोगों का शानदार समर्थन मिल रहा है। रक्षाबंधन विशेष संस्करण होने के कारण हम लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि यदि आप अपने भाई या बहन के लिए कोई विशेष उपहार खरीदना चाहते हैं, तो एफआईसीसीआई एफएलओ का वाइब्रेंट वर्व एडिशन-4 एक बेहतरीन मंच है।"

इस बीच, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की आयुक्त-सचिव बबीला रकवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए आईएएनएस से कहा कि एफआईसीसीआई एफएलओ महिलाओं के लिए कार्य करने वाला एक महत्वपूर्ण संगठन है और जम्मू चैप्टर का यह कार्यक्रम पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में विस्तार के लिए तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह एक प्रमुख कार्यक्रम है जो महिला उद्यमियों, महिला कारीगरों और स्थानीय महिलाओं को अपने उत्पादों तथा क्षेत्रीय कला को प्रदर्शित करने का अवसर देता है। प्रदर्शनी में लगाए गए स्टॉल महिलाओं को देशभर के ग्राहकों और बाजारों से जोड़ने में मदद कर रहे हैं।

बबीला रकवाल ने आगे कहा, "यह बेहद सुंदर और सशक्त बनाने वाली पहल है। सरकार का विशेष ध्यान महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर है, लेकिन जब महिलाएं अन्य विकास कार्यक्रमों और सामुदायिक पहलों में भी सक्रिय भागीदारी करती हैं, तो इससे समावेशी विकास को और मजबूती मिलती है। आज महिला सहकारी समितियों और महिला समूहों को पहले से अधिक प्रोत्साहन मिल रहा है।"

जम्मू की एडीसी अनुसूया जमवाल ने कहा कि वाइब्रेंट वर्व का चौथा संस्करण महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार अवसर दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस मंच पर विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाली महिलाएं एक साथ दिखाई देती हैं, जिनमें कारीगर, डिजाइनर, गृहिणियां और युवा उद्यमी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, "किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। महिलाएं केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक और वित्तीय प्रगति में भी अहम योगदान देती हैं। यदि किसी देश को आगे बढ़ना है तो उसकी आधी से अधिक आबादी यानी महिलाओं को अवसर और सशक्तिकरण देना अनिवार्य है।"

उधमपुर स्थित आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) से जुड़ी शाइनी शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल आय अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत करता है।

उन्होंने कहा, "जब हम सशक्तिकरण की बात करते हैं तो यह केवल पैसा कमाने तक सीमित नहीं होता। इससे महिलाओं के व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आता है और परिवार के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान भी बढ़ता है।"

उन्होंने बताया कि इस वर्ष एडब्ल्यूडब्ल्यूए अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे कर रहा है और संगठन की ओर से भी कई महिला उद्यमियों को इस प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर दिया गया है। उनके अनुसार, हर वर्ष एफआईसीसीआई एफएलओ अपने कार्यक्रमों में नए विचार और नई ऊर्जा लेकर आता है, जिससे महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

वहीं, एफआईसीसीआई एफएलओ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख की संस्थापक चेयरपर्सन कुंवरानी डॉ. रितु सिंह ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा कि पिछले 5 वर्षों में संगठन की प्रगति देखकर उन्हें बेहद खुशी होती है। उन्होंने पूरे एफएलओ परिवार को बधाई देते हुए कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा महिलाएं उद्यमिता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।

उन्होंने कहा कि कई युवतियों ने बेकरी, कपड़ा, ज्वेलरी, इवेंट मैनेजमेंट और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में अपने स्टार्टअप शुरू किए हैं। यह देखकर गर्व होता है कि युवा महिलाएं देश की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

डॉ. रितु सिंह ने कहा, "यही युवा देश का भविष्य हैं। जब लड़कियां आगे बढ़कर अपना व्यवसाय शुरू करती हैं और रोजगार के अवसर पैदा करती हैं, तो यह देश के विकास में उनका सीधा योगदान होता है।"

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं एवं युवाओं के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं तथा एमएसएमई क्षेत्र को मिले प्रोत्साहन ने उद्यमिता की नई संभावनाएं पैदा की हैं।