लंदन। विंबलडन 2026 में चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा ने बुधवार को एलिस मर्टेंस के खिलाफ 6-3, 7-5 से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है, जो उनका पहला ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल होगा, जहां उनके सामने यूक्रेन की मार्टा कोस्तयुक से होंगी।
लंदन के ऑल-इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के कोर्ट नंबर 1 पर महज 21 साल उम्र के बावजूद नोस्कोवा ने बड़े मैच में परिपक्वता दिखाई। चेक गणराज्य की 9वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने प्रत्येक सेट में बेल्जियम खिलाड़ी की सर्विस एक-एक बार तोड़ी। नोस्कोवा पिछले साल विंबलडन के चौथे दौर तक पहुंची थीं। वह साल 2018 में येलेना ओस्टापेंको के बाद ऑल-इंग्लैंड क्लब में सबसे कम उम्र की सेमीफाइनलिस्ट बनी हैं।
इससे पहले, कोस्त्युक ने बुधवार को सेंटर कोर्ट पर इटली की जैस्मीन पाओलिनी को 6-3, 6-2 से शिकस्त देकर पहली बार विंबलडन सेमीफाइनल और लगातार दूसरी बार ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में जगह बनाई।
12वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने पिछले साल की उपविजेता को 1 घंटा और 9 मिनट में मात दी। पहली बार सेंटर कोर्ट पर खेलते हुए कोस्त्युक ने आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने 19 विनर्स लगाए, जिनमें कई शानदार रिटर्न विनर्स शामिल थे और पाओलिनी को लगातार दबाव में रखा।
पाओलिनी को शुरुआती सेट में संघर्ष करना पड़ा और उन्होंने 15 अनफोर्स्ड एरर किए। इससे कोस्त्युक को मैच पर पकड़ बनाने का मौका मिला। मैच का अहम मोड़ पांचवें गेम में आया जब यूक्रेनी खिलाड़ी ने हिचकिचाहट भरी दूसरी सर्विस पर फोरहैंड रिटर्न विनर लगाकर महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल किया। उस पल के बाद से, उन्होंने आत्मविश्वास के साथ खेला और इतालवी खिलाड़ी को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
कोस्त्युक ने दूसरे सेट में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने अपने दमदार बेसलाइन गेम और सटीक रिटर्न का इस्तेमाल करते हुए सिर्फ 69 मिनट में जीत हासिल की और पहली बार ऑल-इंग्लैंड क्लब में अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की।




