नई दिल्ली। भारत के स्टार डबल्स शटलर सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को शुक्रवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारतीय जोड़ी का टूर्नामेंट में सफर भी समाप्त हो गया।सात्विक और चिराग को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में चीन की जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग ने 36 मिनट तक चले मुकाबले में 18-21, 9-21 से हराया। सात्विक और चिराग ने अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा कि मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने अपना सब कुछ झोंक दिया और अब उनका ध्यान अगले महीने आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स पर है।

क्वार्टर फाइनल में हार के बाद चिराग ने पत्रकारों से कहा, "मुझे लगता है कि पहले गेम में हमारी बढ़त अच्छी थी, शायद हम 3-4 प्वाइंट आगे थे। हालांकि, हमें पता था कि उनके खिलाफ खेलना कभी आसान नहीं होता। वे बहुत मजबूत और हाई-प्रेशर वाला गेम खेलते हैं, और शटल बहुत तेजी से चलती है। हमें मालूम था कि ऐसा (तेज स्ट्रोक) होगा, लेकिन मुझे लगता है कि हमने कुछ प्वाइंट्स गंवा दिए और आखिरकार मुकाबला बराबरी का हो गया, और हम पहला गेम हार गए।"

सात्विक पिछले कुछ वर्षों से कंधे की चोट से जूझ रहे हैं। हालांकि, इस जोड़ी ने सिंगापुर ओपन सुपर 750 जीता, लेकिन चोट की वजह से उन्हें इंडोनेशिया ओपन और जापान ओपन में मैच के बीच में ही हटना पड़ा। चिराग ने जोर देकर कहा कि भले ही घरेलू वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल न जीत पाने का दुख है, लेकिन सात्विक के कंधे की समस्या के बावजूद दोनों ने अपना सब कुछ झोंक दिया।

उन्होंने आगे कहा, "जाहिर है कि दुख तो होगा ही। हम अपने घरेलू मैदान पर वर्ल्ड चैंपियनशिप खेल रहे हैं। इतनी बड़ी भीड़ का आना और हमारे लिए चीयर करना देखकर दुख होता है, लेकिन जिन हालात में हम आए थे, मुझे लगता है कि हमने अपना सब कुछ दिया। हां, बुरा तो लगता है, लेकिन मुझे लगता है कि घर पर वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलना खास एहसास है।"

कंधे की हालत के बारे में पूछे जाने पर सात्विक ने कहा कि गेम के लिए यह ठीक है और उनके लिए यह थोड़ा मानसिक मामला है। आज के मैच के लिए सब ठीक था। कल यह थोड़ा ज्यादा जोरदार था। मैं काफी हद तक ठीक हो गया था, इसलिए अधिक परेशानी नहीं हुई, लेकिन पूरी तरह खुलकर खेलने के लिए मेरे मन में थोड़ी हिचकिचाहट थी क्योंकि मैंने कुछ समय से कोई मैच नहीं खेला था। मैं बेहतर होता जा रहा था और मुझमें आत्मविश्वास भी आ रहा था; कोई दर्द नहीं था, बस थोड़ी अकड़न थी, तो यह सामान्य है।"

अब यह जोड़ी एशियन गेम्स का इंतजार कर रही है। चिराग ने कहा, "एशियन गेम्स एक बड़ा इवेंट है। हम वापस जाकर ट्रेनिंग करना चाहते हैं, अपनी कमियों को देखना और उन्हें सुधारना चाहते हैं, और एशियाई खेलों की तैयारी करते हुए बेहतर बनना चाहते हैं।"