बीजिंग। 18 से 21 अगस्त तक चीन मानवाधिकार अध्ययन सोसायटी के कार्यकारी उपाध्यक्ष जियांग जियानगुओ ने चीन मानवाधिकार अध्ययन सोसायटी का प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व करते हुए नेपाल में मानवाधिकार संबंधी आदान-प्रदान कार्यवाहियों का संचालन किया।
अपनी यात्रा के दौरान, जियांग जियानगुओ ने 'शीत्सांग को देखना' नामक कहानी-साझाकरण सत्र में भाग लिया और भाषण भी दिया, नेपाल के विदेश मंत्रालय के स्थायी सचिव अमृत बहादुर राय और नेपाल के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष टप बहादुर मगर सहित स्थानीय जाने-माने व्यक्तियों से अलग-अलग मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने महासचिव शी चिनफिंग द्वारा मानवाधिकारों के सम्मान और संरक्षण पर दिए गए महत्वपूर्ण विचारों, शीत्सांग की जनता के प्रति उनकी गहरी चिंता और शीत्सांग के विकास के प्रति उनके उच्च सम्मान को विस्तार से समझाने पर ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने समकालीन चीनी मानवाधिकार दर्शन के गहन अर्थों को व्यवस्थित रूप से समझाया, मानवाधिकार विकास के लिए चीन के मार्ग का व्यापक परिचय दिया और नए युग में शीत्सांग के शासन के लिए पार्टी की रणनीति के मार्गदर्शन में शीत्सांग द्वारा प्राप्त ऐतिहासिक उपलब्धियों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
इसी दौरान प्रतिनिधिमंडल और नेपाली पक्ष ने दोनों देशों के बीच मानवाधिकारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, मानवाधिकार सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक मानवाधिकार विकास को संयुक्त रूप से बढ़ावा देने पर चर्चा की।
नेपाल में समाज के विभिन्न जगतों के लोगों ने मानवाधिकार विकास में चीन की उपलब्धियों की अत्यधिक प्रशंसा की। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच मानवाधिकार आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने से चीन और नेपाल दोनों के लोगों की भलाई में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)




