छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी । बदलते दौर में सिगरेट का रूप भले बदल गया हो, लेकिन उससे जुड़ी चिंता आज भी उतनी ही गंभीर बनी हुई है। फ्लेवर, स्टाइल और आधुनिक दिखावे के नाम पर युवाओं के बीच तेजी से बढ़ती ई-सिगरेट और वेप की प्रवृत्ति अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि समाज और स्वास्थ्य से जुड़ा एक अहम विषय बनती जा रही है। देशभर में इस पर पहले से सख्ती लागू है, क्योंकि इसे नई पीढ़ी के बीच बढ़ती निकोटीन की आदत और धीरे-धीरे बनती लत से जोड़कर देखा जा रहा है।यही वजह है कि अब छोटे शहरों में भी इस तरह की सामग्री की मौजूदगी चिंता का कारण बन रही है इसी कड़ी में छिंदवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मानसरोवर बस स्टैंड के सामने स्थित एक दुकान से प्रतिबंधित इलेक्ट्रिक वेप सिगरेट जब्त की है। पुलिस को मौके से 34 पैकेट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 68 हजार रुपये बताई गई है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि दुकान में प्रतिबंधित इलेक्ट्रिक वेप सिगरेट रखकर बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर कार्रवाई की और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। विशेषज्ञों के अनुसार ई-सिगरेट को कई बार सामान्य सिगरेट की तुलना में कम हानिकारक बताकर प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह युवाओं को निकोटीन की निर्भरता, मानसिक आदत और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की ओर ले जा सकती है।