बागेश्वर धाम में रंग,भक्ति, परंपरा और उल्लास की अनोखी होली

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छतरपुर। दुनिया भर में श्रद्धा, आस्था, भक्ति और सनातन संस्कारों का केंद्र बने बागेश्वर धाम में इस वर्ष भी होली का पर्व आध्यात्मिक रंगों और भक्तिमय उल्लास के साथ मनाया गया। धाम परिसर गुलाल, पुष्प वर्षा और भगवा रंग से सराबोर दिखाई दिया। हजारों श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के बीच सनातन संस्कृति की परंपरागत होली का आनंद लिया। गीत संगीत की प्रस्तुतियों के दौरान लोग झूमते दिखाई दिए। बागेश्वर महाराज ने देशभर से आए लोगों को शुभकामनाएं दी और शुभकामनाएं स्वीकार भी की।
एक दिवसीय बुंदेली होली महोत्सव के अवसर पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा रंगों से नहीं, रंग बदलने वालों से बचें। जीवन में ऐसे लोगों से सावधान रहें जो परिस्थितियों के अनुसार अपना स्वरूप बदल लेते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु कृपा का रंग ऐसा होता है जो जीवन भर बना रहता है और व्यक्ति के चरित्र, विचार और कर्म को उज्ज्वल करता है।
धाम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फूलों की होली, भक्ति संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु जय श्री राम और हर हर महादेव के जयकारों के साथ आध्यात्मिक रंग में डूबे नजर आए।
बागेश्वर धाम की यह होली केवल उत्सव नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, आस्था और सामाजिक एकता का संदेश भी बनकर सामने आई। भक्तों का कहना है कि यहां की होली में रंग के साथ-साथ संस्कार और श्रद्धा की भी सुगंध घुली रहती है। विदेशी सैलानी भी आनंद में डूबे दिखाई दिए। इटली की जैस्मिन ने कहा कि उनके यहां होली जैसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं होता। यहां आकर मन आनंदित हो गया। वहीं महाराज श्री से भेंट के बाद उनकी अनुभूति अविस्मरणीय रही।
