छतरपुर। भारत में सामान्य मात्रा में भूमिगत पेट्रोलियम पदार्थ मौजूद हैं, यदि पेट्रोलियम पदार्थों की खोज करके उन्हें जमीन से निकाला जाए तो देश में पेट्रोलियम संकट खत्म हो सकता है। न सिर्फ ईंधन की कीमत देश में कम होगी बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। यह दावा करते हुए छतरपुर निवासी संतोष द्विवेदी ने बताया कि वर्षों की मेहनत से उन्होंने कॉस्मिक ऊर्जा तरंग प्रौद्योगिकी के तहत कुछ विशेष उपकरण विकसित किए हैं, जिनके माध्यम से भूमिगत पेट्रोलियम पदार्थों को बहुत कम समय में आसानी के साथ खोजा जा सकता है।
संतोष द्विवेदी के मुताबिक, भारतीय सीमा के अंदर कुछ ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां पर लगभग 1 लाख से लेकर 70 लाख, 77 हजार 500 बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल के भण्डारो की संभावना है। यदि इतना क्रूड ऑयल हमारे देश को प्राप्त होता है तो हमारे देश की दूसरे राष्ट्रों से तेल आयात की निर्भरता खत्म हो जाएगी तथा वर्तमान ईंधन समस्या का समाधान हो जाएगा।
संतोष द्विवेदी ने बीते रोज कलेक्टर पार्थ जायसवाल को केंद्र सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने स्व विकसित कॉस्मिक ऊर्जा तथा प्रौद्योगिकी के जरिए भूमिगत पेट्रोलियम पदार्थों की खोज का काम प्रारंभ करवाने की मांग की है। संतोष दुवेदी इस मामले को लेकर कई बार केंद्र सरकार के तहत संपर्क में हैं। संतोष द्विवेदी के मुताबिक छतरपुर जिले के भीमकुण्ड के नजदीक परीक्षण के दौरान दो बोर बेल खुदवाये थे, जिनमें विशाल भंडार पाया गया था। उन्होंने रायपुर के अनेक भू भागो में विधिवत नेदानिक परीक्षण किए थे जो पूर्णतः सफल हुए थे।



