बालाघाट, रितेश सोनी। परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में कान्हा बफर जोन से लगे गांवों में बाघों के बढ़ते हमलों को लेकर कांग्रेस विधायक मधु भगत के बाघों के शिकार संबंधी बयान पर भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर कटरे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
कटरे ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी मेहनत, संघर्ष और शिक्षा के दम पर अधिकारी, शिक्षक और जिम्मेदार पदों तक पहुंच रहा है, ऐसे में उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा करने वाली मानसिकता को बढ़ावा देना उचित नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ग्रामीण विधायक के बयान से प्रभावित होकर बाघ की हत्या करने निकल पड़े और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई, तो क्या विधायक उनके साथ खड़े रहेंगे?
रामेश्वर कटरे ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति और वन्यजीवों का सदियों से सम्मान करता आया है, इसलिए बाघ की हत्या की बात करना उनकी संस्कृति और परंपराओं के भी विपरीत है।
उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष का समाधान बाघ को मारने की बयानबाजी में नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा, फसल-पशुधन की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए ठोस एवं स्थायी व्यवस्था बनाने में है।
कटरे ने जनप्रतिनिधियों से संविधान और कानून के अनुरूप जिम्मेदार बयान देने की अपील करते हुए कहा कि “आदिवासी समाज को भड़काने की नहीं, सुरक्षित रखने और सशक्त बनाने की जरूरत है।”




