छतरपुर, संतोष शिवहरे। जिले के गौरिहार थाना अंतर्गत ग्राम मनुरिया में दबंगई और आपसी विवाद का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक ही परिवार के रमाशंकर द्विवेदी और उनके बेटों हर्ष व दीपेश द्विवेदी पर गांव के कई लोगों को प्रताडि़त करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सौंपे गए अलग-अलग शिकायती आवेदनों के अनुसार पहली घटना में राजबहादुर बसोर ने आरोप लगाया कि उनके 14 वर्षीय नाबालिग बेटे को मजदूरी कराने से रोकने पर प्रधान पुष्पेंद्र द्विवेदी, कल्लू द्विवेदी और रमाशंकर द्विवेदी ने लाठियों और डंडों से उन पर व उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। वहीं, दूसरी शिकायत में रविकुमार अहिरवार ने बताया कि दीपेश, हर्ष और रमाशंकर द्विवेदी द्वारा उन्हें फोन पर जातिसूचक गालियां दी जा रही हैं और जब वे गौरिहार थाने रिपोर्ट करने गए, तो आरोपियों ने थाने के अंदर ही घुसकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी मामले से जुड़े एक अन्य संयुक्त आवेदन में राकेश अनुरागी, गिरजा अनुरागी और रवि सहित अन्य पीडि़तों ने आरोप लगाया है कि रमाशंकर द्विवेदी, हर्ष और दीपेश ने उनके चाचा रामपाल अनुरागी के साथ लात-घूंसों और डंडों से जमकर मारपीट की और बाद में पुलिस से साठगांठ कर रामपाल को अवैध हथियार के झूठे मामले में फंसाकर गिरफ्तार करवा दिया। पीडि़तों का कहना है कि आरोपी राजनीतिक रसूख वाले व्यक्ति हैं जो पूरे हरिजन समाज को गांव छोडऩे और जान से मारने की लगातार धमकियां दे रहे हैं। स्थानीय थाने से न्याय न मिलने पर आज सभी पीडि़तों ने छतरपुर एसपी से निष्पक्ष जांच और जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

