ईशानगर,शिवाकांत मिश्रा। क्षेत्र में ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े ही उत्साह, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। रमजान के पवित्र महीने के समापन पर मनाया जाने वाला यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद खास होता है। पूरे 30 दिन तक रोजा रखने के बाद जब चांद दिखाई देता है, तो अगले दिन ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। यह दिन अल्लाह का शुक्र अदा करने, जरूरतमंदों की मदद करने और खुशियां बांटने का प्रतीक माना जाता है। ईशानगर में चांद रात के बाद सुबह ईदगाह मस्जिद में विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें क्षेत्र सहित आसपास के सैकड़ों मुस्लिम भाईयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन, भाईचारे एवं खुशहाली की दुआ मांगी।


इस मौके पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन सुल्तान चाचा, डॉ. खलील खान एवं शेख मुस्ताक ने जानकारी देते हुए बताया कि ईद-उल-फितर रमजान के महीने की इबादतों का इनाम है। यह पर्व हमें संयम, त्याग, दान और मानवता का संदेश देता है। ईद के दिन जकात-फितरा देकर गरीबों की मदद करना भी इस त्योहार की महत्वपूर्ण परंपरा है, जिससे हर व्यक्ति इस खुशी में शामिल हो सके।


वहीं सर्व समाज के लोगों ने भी इस अवसर पर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आनंद असाटी, जलज मिश्रा, महेंद्र (लकी) गुप्ता, मोनू जड़ी-बूटी सहित दर्जनों लोगों ने मुस्लिम भाइयों के साथ गले मिलकर पान खिलाया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सामाजिक सौहार्द और एकता की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली।


ईशानगर में मनाई गई ईद-उल-फितर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्योहार केवल एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का माध्यम होते हैं। यहां का माहौल भाईचारे, प्रेम और सौहार्द की मिसाल बन। इस दौरान थाना प्रभारी मनोज गोयल एवं पुलिस बल मुस्तादी से तैनात रहा।