नई दिल्ली। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने मंगलवार को राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा अनियमितता मामले, पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने, आतंकवाद और देश की राजनीति सहित कई समसामयिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के मुद्दे पर मौलाना साजिद रशीदी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पिछले कुछ दिनों से वह लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस्तीफे से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर उन्होंने इसे भारत के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा, "कई देशों द्वारा प्रधानमंत्री को सर्वोच्च सम्मान दिया जाना भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। यदि मुस्लिम बहुल देश भी भारत के प्रधानमंत्री का सम्मान कर रहे हैं तो यह भारतीय मुसलमानों के लिए भी गर्व की बात है। देश के भीतर भी सभी नागरिकों को समान और विश्वास का वातावरण मिलना चाहिए।"
इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आतंकवाद के खिलाफ दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा, "बीते वर्षों में आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है और देश के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में मजबूत हुई है। मेरी पीएम मोदी से अपील है कि अखंड भारत की दिशा में भी प्रयास जारी रहने चाहिए।"
विदेश नीति पर उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री का विदेशी दौरा भारत की कूटनीतिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। भारत को सभी देशों के साथ मजबूत और संतुलित संबंध बनाए रखने चाहिए। व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के साथ-साथ विदेश नीति की पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करना देश के हित में है।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर राम मंदिर के मुद्दे पर 'गिरगिट की तरह रंग बदलने' संबंधी टिप्पणी पर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, "चुनावी राजनीति में इस प्रकार के बयान अक्सर देखने को मिलते हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक के आधार पर अलग-अलग मुद्दों को प्रमुखता देते हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जहां मुस्लिम समुदाय और बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों को उठाती हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी राम मंदिर को प्रमुख राजनीतिक विषय बनाती है। सभी दल अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत ऐसे मुद्दों को सामने रखते हैं।"




