हैदराबाद। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को तेलंगाना सरकार से गरीबों को तत्काल स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) जारी करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि कई गरीबों के पास दस्तावेज नहीं हैं और चल रहे विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बाहर होने का खतरा है।

हैदराबाद के सांसद ने जानना चाहा कि राज्य सरकार पीआरसी जारी करने में क्यों देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सत्ताधारी दल को यह एहसास नहीं है कि तेलंगाना के गरीबों के पास दस्तावेज नहीं हैं, तो वह वास्तविकता से पूरी तरह कटी हुई है।

ओवैसी ने सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी से कहा कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद लोगों को 'सांत्वना' देने के लिए उनके पास न आएं और फिर साजिश का आरोप न लगाएं। उन्होंने कहा कि अगर कोई साजिश है, तो उन्हें उसका समाधान ढूंढना चाहिए, और समाधान पीआरसी है।

सांसद ने बताया कि कर्नाटक सरकार पीआरसी जारी कर रही है और पूछा कि जब कर्नाटक में भी कांग्रेस सत्ता में है, तो तेलंगाना में पीआरसी क्यों नहीं जारी की जा रही है।

ओवैसी ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा पहले ही उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क के समक्ष उठाया था। उन्होंने यह भी बताया कि वे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मिलने का समय मांग रहे हैं और कहा कि मुख्यमंत्री बहुत व्यस्त हैं।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना में जन्मे और जिनके नाम, या उनके माता-पिता और दादा-दादी के नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें पीआरसी (पर्सनल सर्टिफिकेट) जारी की जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति राज्य के शिक्षण संस्थानों में लगातार चार वर्षों तक अध्ययन करता है, तो वह राज्य में शिक्षा और रोजगार के लिए पात्र हो जाता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार पीआरसी जारी करने के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड और राजस्व रिकॉर्ड को आधार बनाए।