उमरिया, तपस गुप्ता । उमरिया के सिंधी धर्मशाला में संदेश नाट्य मंच द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नाटक समारोह अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। स्थानीय रंगकर्मियों ने आयोजन समिति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कार्यक्रम में शहर के प्रतिभाशाली कलाकारों की अनदेखी कर बाहर से किराए के कलाकार बुलाए गए हैं। इससे स्थानीय कलाकारों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
स्थानीय रंगकर्मियों का कहना है कि उमरिया में लंबे समय से रंगमंच की समृद्ध परंपरा रही है और यहां कई अनुभवी एवं युवा कलाकार लगातार नाट्य गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद आयोजन समिति ने स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के बजाय बाहरी कलाकारों को प्राथमिकता दी। कलाकारों का आरोप है कि आयोजन केवल औपचारिकता बनकर रह गया है और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का उद्देश्य पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
कलाकारों ने आयोजन में खर्च किए जा रहे बजट पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सांस्कृतिक गतिविधियों के नाम पर खर्च की जा रही राशि में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कलाकारों ने पूछा कि जब स्थानीय कलाकार कम खर्च में बेहतर प्रस्तुति देने के लिए उपलब्ध थे, तो बाहरी कलाकारों पर अतिरिक्त खर्च क्यों किया गया।
स्थानीय रंगकर्मियों का कहना है कि यदि प्रशासन और आयोजन समिति इसी तरह बाहरी लोगों को बढ़ावा देती रही तो जिले की रंगमंचीय संस्कृति धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में होने वाले सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए और खर्च की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
वहीं आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की रंगमंचीय प्रस्तुतियों को दर्शकों तक पहुंचाना है। इसी कारण अलग-अलग स्थानों के कलाकारों को आमंत्रित किया गया है।
फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग अब आयोजन की पूरी प्रक्रिया और खर्च की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और स्थानीय कलाकारों का भरोसा कायम रह सके।

