Tuesday, February 3, 2026

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बांग्लादेश में चुनाव से पहले चरम पर अपराध, हिंसा से जुड़े आंकड़े बेहद चिंताजनक

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3 फ़रवरी 2026, 11:00 am IST
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ढाका। बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है। 12 फरवरी को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारी भी जोरशोर से चल रही है। इन सबके बीच देशभर में भारी हिंसा देखने को मिल रही है। चुनावी हिंसा ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है।


बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने 11 दिसंबर 2025 को चुनाव की तारीख का ऐलान किया था। इसके तुरंत बाद इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की ढाका में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। हादी की हत्या के बाद कई राजनीतिक हत्याएं देखने को मिलीं।


बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि शेड्यूल जारी होने के बाद से चुनाव से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई है और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।


हालांकि, मानवाधिकार संगठन ने लॉ एंड ऑर्डर की हालत बिगड़ने की रिपोर्ट दी है। 21 जनवरी को कैंपेन शुरू होने के बाद से उन्होंने चार मौतें, 414 घायल और झड़प की 51 घटनाएं दर्ज की हैं।


निर्दलीय उम्मीदवार सलमान उमर रुबेल के समर्थक नजरुल इस्लाम की मैमनसिंह के धोबौरा के इरशाद बाज़ार में हत्या कर दी गई। जमात-ए-इस्लामी के सेक्रेटरी रेजाउल करीम की शेरपुर के श्रीबर्दी उपजिला में पीट-पीटकर और ईंटों से कुचलकर मौत हो गई। अचमिता यूनियन के पूर्व बीएनपी अध्यक्ष और कटियाडी, किशोरगंज-2 से पूर्व यूनियन परिषद सदस्य मोहम्मद कमाल उद्दीन और कंचन, रूपगंज, नारायणगंज में स्वैच्छिक दल के नेता अजहर की मौत हो गई।


पुलिस हेडक्वार्टर की ओर से साझा आंकड़ों के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 से लेकर 26 जनवरी 2026 तक कुल 144 हिंसा के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 55 झड़प, धमकाने के 11 मामले और 6 उम्मीदवारों पर हमले, गैर-कानूनी हथियारों से जुड़ी दो घटनाएं, कैंपेन एक्टिविटी में 17 रुकावटें, चुनाव ऑफिस को निशाना बनाकर आठ हमले और आगजनी, और अलग-अलग वजहों से जुड़ी 24 दूसरी घटनाएं शामिल हैं।


मानवाधिकार सांस्कृतिक फाउंडेशन (एमएसएफ) ने दिसंबर और जनवरी के एक कम्पेरेटिव एनालिसिस में मानवाधिकार की पूरी स्थिति में तेजी से गिरावट की रिपोर्ट दी। एमएसएफ ने इसे ज्यादा मुश्किल, हिंसक और चिंताजनक बताया। चुनाव से जुड़ी 64 रिपोर्ट की गई घटनाओं में से 33 में बीएनपी और जमात के बीच झड़पें हुईं, 13 बीएनपी के अंदरूनी झगड़ों से हुईं, नौ बीएनपी समर्थकों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच हुईं, और एक-एक घटना गोनो ओधिकार परिषद, एक निर्दलीय उम्मीदवार और बीएनपी बनाम एनसीपी से जुड़ी थी।


ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि ऐन ओ सलीश केंद्र के अनुसार केवल जनवरी में कम से कम 75 झड़पें हुईं, जिनमें 11 लोग मारे गए और 616 घायल हुए। 21 जनवरी से 31 जनवरी तक कैंपेन शुरू होने के बाद, 51 झड़पें रिकॉर्ड की गईं, जिनमें कम से कम चार मौतें हुईं और 414 लोग घायल हुए।


मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस विंग ने कहा कि 12 दिसंबर से 1 फरवरी तक रात 9:00 बजे तक 53 दिनों में चुनाव से जुड़ी 274 हिंसक घटनाएं हुईं। इसकी तुलना में 10वें नेशनल पार्लियामेंट्री चुनाव के दौरान 22 दिसंबर 2013 से 4 जनवरी 2014 तक 530 घटनाएं रिपोर्ट की गईं, जिनमें 115 मौतें हुईं और 315 लोग घायल हुए।

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