मुंबई। सोनू निगम को हिंदी सिनेमा के उन गायकों में गिना जाता है, जिन्होंने अपनी आवाज से कई पीढ़ियों के दिलों में जगह बनाई है। उन्होंने अपने लंबे करियर में रोमांटिक गानों से लेकर भक्ति गीतों और अलग-अलग भाषाओं के गीतों तक अपनी आवाज दी है। आज भी वह खुद को एक ही भाषा या एक ही तरह के संगीत तक सीमित नहीं रखना चाहते। अब सोनू की इच्छा कुछ ऐसी भाषाओं में गाने की है, जिनमें उन्होंने अभी तक ज्यादा काम नहीं किया है।आईएएनएस से खास बातचीत में सोनू निगम ने कहा, ''मैं आने वाले समय में चीनी, जापानी और स्पेनिश जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में गाने की कोशिश करना चाहता हूं। मेरे लिए यह दूसरे देश की भाषा और संगीत को समझने का नया मौका होगा।''

सोनू निगम ने कहा, ''मैं पहले ही लैटिन और अंग्रेजी में गा चुका हूं। इसके अलावा, मैंने स्टेज पर डच भाषा में भी गाना गाया है। अब मैं चीनी और जापानी जैसी भाषाओं को आजमाना चाहता हूं। शायद स्पेनिश में भी गाने का मौका मिले। नई भाषा में गाना मेरे लिए मजेदार होगा क्योंकि इससे मुझे कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा। मैं आगे भी अलग-अलग भाषाओं में अपनी आवाज आजमाने के लिए तैयार हूं।''

उन्होंने कहा, ''मेरा संगीत का सफर बहुत छोटी उम्र में शुरू हो गया था। उस समय मैं मुंबई नहीं आया था और दिल्ली में रहकर जिंगल्स के लिए गाने रिकॉर्ड किया करता था। मैं एक दिन में करीब 16 से 17 जिंगल्स तक रिकॉर्ड कर लेता था। इन जिंगल्स में मुझे अलग-अलग आवाज और अलग-अलग अंदाज में गाने का मौका मिलता था।''

उन्होंने कहा, ''मैं कश्मीरी, हरियाणवी, राजस्थानी, मराठी, तमिल, तेलुगु, मणिपुरी, असमिया और कई दूसरी भाषाओं में गाया करता था। उस समय मेरे लिए यह काम सीखने का एक बड़ा जरिया बन गया। अलग-अलग भाषाओं में गाने से मुझे अलग-अलग जगहों की बोलियों और संगीत की शैली को समझने का मौका भी मिला।''

सोनू निगम ने कहा, ''इसके बाद मैं दिल्ली से मुंबई आ गया और मेरे सामने काम के और भी बड़े अवसर खुले। मैंने अपने करियर में ओड़िया, बंगाली, कन्नड़, तेलुगु, तमिल, राजस्थानी, गुजराती, मराठी, हरियाणवी, खासी, मणिपुरी, कोंकणी, गढ़वाली, कुमाऊंनी, कश्मीरी और डोगरी जैसी कई भाषाओं में गाने गाए। मेरा लंबा करियर ही ऐसी अलग-अलग भाषाओं में काम करने का बड़ा कारण रहा है।''