नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले में दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण वार्ता संपन्न हुई। इस वार्ता में सरकार की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहे, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने किया।

दो घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद CJP प्रवक्ताओं ने रुख साफ करते हुए कहा, "हम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं करेंगे। हालांकि, सरकार ने आंदोलनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग पर सहमति जताई है।" दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि CJP ने सरकार के सामने 3 प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के 5 अहम सुझाव रखे हैं। सरकार ने इन मांगों पर गहन विचार-विमर्श करने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।


आज के 4 बड़े राष्ट्रीय अपडेट्स:

  • 1. शनिवार दोपहर 3:30 बजे फिर होगी वार्ता; 2-3 दिन में फैसला न होने पर दोबारा संसद मार्च की चेतावनी:
    सरकार ने CJP प्रवक्ताओं को शनिवार दोपहर 3:30 बजे दोबारा बैठक के लिए आमंत्रित किया है। CJP नेतृत्व ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है, तो संगठन 20 जुलाई की तर्ज पर दोबारा संसद मार्च आयोजित करेगा।
  • 2. सुप्रीम कोर्ट ने मांगी अब तक की जांच और सुधारों की रिपोर्ट:
    पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पेपर लीक के बाद से अब तक किए गए प्रशासनिक व कानूनी सुधारों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। शीर्ष अदालत ने एजेंसियों द्वारा मामले में अब तक की गई जांच की प्रगति रिपोर्ट भी पेश करने का निर्देश दिया है।
  • 3. सुरक्षा कारणों से दिल्ली में न्यू दिल्ली समेत 18 मेट्रो स्टेशन बंद:
    CJP के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन और सुरक्षा खतरों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अगले आदेश तक नई दिल्ली, राजीव चौक सहित 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को आम यात्रियों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है।
  • 4. बॉम्बे हाईकोर्ट ने नागपुर और औरंगाबाद में गठित की दो 'फास्ट ट्रैक कोर्ट':
    पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई और सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के नागपुर और औरंगाबाद में दो विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Courts) स्थापित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।


पीएम का देर रात वीडियो जारी करना हमारी जीत: CJP

उधर, मेदांता अस्पताल में भर्ती प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कराने के लिए गुरुवार देर रात 12:30 बजे जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह पहुंचे थे और उन्हें जूस पिलाया था। देर रात ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट लाने संबंधी वीडियो संदेश जारी करने पर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रतिक्रिया दी है।

आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार पूरी तरह से छात्रों के भारी दबाव में है, यही वजह है कि प्रधानमंत्री को देर रात 12:30 बजे वीडियो संदेश जारी करना पड़ा। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक आंदोलनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे।


दिल्ली में 17 मेट्रो स्टेशन बंद, पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द

शुक्रवार को राजधानी में CJP द्वारा देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान और जंतर-मंतर पर बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं:

  • मेट्रो पाबंदियां: सुरक्षा के मद्देनजर सेंट्रल दिल्ली के राजीव चौक और लोक कल्याण मार्ग समेत कुल 17 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को आम यात्रियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
  • पुलिस छुट्टियां रद्द: संसद मार्ग पर देर रात बैरिकेड्स तोड़े जाने की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी रैंकों के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं।
  • राहुल गांधी का हमला: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर सख्ती को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए छात्रों को डराने-धमकाने की आपकी हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रखिए, वक्त आने पर हिसाब आपसे ही लिया जाएगा।"
  • डीयू की चेतावनी: इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने छात्रों और शिक्षकों को जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल न होने और सतर्क रहने के लिए सख्त हिदायत जारी की है।


5 पॉइंट्स में समझिए: क्यों और कैसे बदला CJP प्रदर्शन पर सरकार का रुख?

  1. राष्ट्रव्यापी आंदोलन में तब्दील: सोनम वांगचुक के अनशन, छात्रों की निरंतर मौजूदगी और विभिन्न राज्यों से मिले समर्थन ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया।
  2. जन आंदोलन का रूप: शुरुआती बैरिकेडिंग और मेट्रो पाबंदियों के बाद कांग्रेस, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के खुलकर समर्थन में आने से यह बड़ा जन आंदोलन बन गया।
  3. संसद मार्च पर लाठीचार्ज के बाद दबाव: 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और झड़प में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों व छात्रों के घायल होने के बाद सरकार पर बातचीत का दबाव बढ़ा।
  4. विपक्ष का आक्रामक रुख: 21 जुलाई को राहुल गांधी के नेतृत्व में पीएम आवास के पास हुए विरोध प्रदर्शन और संसद में जारी हंगामे के कारण सरकार घिर गई।
  5. CJP का नड्डा के घर जाने से इनकार: CJP का मानना है कि बीजेपी नेता या मंत्री के व्यक्तिगत घर पर बैठक से आंदोलन पर राजनैतिक ठप्पा लग सकता है, इसलिए वे बराबरी की स्थिति में न्यूट्रल वेन्यू पर ही वार्ता चाहते हैं।