सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अहमदपुर थाना क्षेत्र के दूरगांव से लापता हुए एक 16 वर्षीय किशोर ने नवोदय विद्यालय में पढ़ाई से बचने के लिए खुद के ही अपहरण की एक झूठी पटकथा रच डाली। उसने अपनी बहन को इंस्टाग्राम पर 5 लाख रुपए की फिरौती का मैसेज भी भेज दिया ताकि परिवार को लगे कि उसका सचमुच अपहरण हो गया है। हालांकि, सीहोर पुलिस और साइबर सेल की मुस्तैदी से इस पूरे ड्रामे का भंडाफोड़ हो गया।
1 जुलाई से लापता था किशोर, पिता ने दर्ज कराई थी शिकायत
यह पूरी घटना सीहोर जिले के अहमदपुर थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम दूरगांव की है। यहाँ रहने वाले रामदयाल तंवर का 16 वर्षीय बेटा आगामी 1 जुलाई को अचानक अपने घर से लापता हो गया था। परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारियों और आसपास के इलाकों में उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो व्यथित पिता ने अहमदपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
साइबर सेल ने उज्जैन रेलवे स्टेशन से किया दस्तयाब
लापता किशोर की खोजबीन में सीहोर पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी रूप से बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने जब किशोर के डिजिटल फुटप्रिंट्स और तकनीकी लोकेशन को खंगाला, तो उसकी अंतिम लोकेशन उज्जैन (धार्मिक नगरी) में ट्रैक हुई। लोकेशन मिलते ही अहमदपुर पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत उज्जैन के लिए रवाना की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उज्जैन रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और रविवार को किशोर को सुरक्षित बरामद कर वापस सीहोर ले आई।
पूछताछ में खुला राज: भोपाल से ट्रेन पकड़कर गया था उज्जैन
सीहोर लाकर जब पुलिस और काउंसलिंग टीम ने किशोर से कड़ाई और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो उसने अपनी पूरी कहानी बयां कर दी। किशोर ने बताया कि उसका चयन नवोदय विद्यालय श्यामपुर में हुआ था, लेकिन वह वहां जाकर पढ़ाई नहीं करना चाहता था। घरवाले उस पर जाने का दबाव न बनाएं, इसीलिए वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर भाग गया था। पकड़े जाने के डर से उसने रास्ते में ही अपने मोबाइल की सिम कार्ड निकालकर फेंक दी थी। इसके बाद वह बस से भोपाल स्टैंड पहुंचा, वहां से ऑटो लेकर रेलवे स्टेशन गया और ट्रेन पकड़कर सीधे उज्जैन चला गया।
रेलवे स्टेशन के 'फ्री वाई-फाई' से बहन को भेजा फिरौती का मैसेज
उज्जैन पहुंचने के बाद किशोर को अहसास हुआ कि घर लौटने पर उसकी इस हरकत के लिए उसे भारी डांट पड़ेगी। इस डर से बचने के लिए उसने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले मुफ्त (फ्री) वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग किया। वाई-फाई से इंटरनेट कनेक्ट कर उसने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट खोला और अपनी सगी दीदी को मैसेज भेज दिया कि "आपके भाई का अपहरण हो गया है और उसे छोड़ने के बदले 5 लाख रुपए की फिरौती देनी होगी।" उसका सोचना था कि इस मैसेज को देखकर परिवार वाले अपहरण की बात को सच मान लेंगे और वह डांट से बच जाएगा।
सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द, जांच पूरी
अहमदपुर पुलिस ने किशोर के इस पूरे कुबूलनामे के बाद नियमानुसार उसके बयान दर्ज किए और सारी कागजी कार्रवाई लिखित में पूरी की। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने किशोर को समझा-बुझाकर सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। अपने लाडले को सुरक्षित वापस पाकर तंवर परिवार ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन का आभार जताया है। पुलिस अब इस मामले में अंतिम कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।


