नौगांव, कमल यादव। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हुई बारिश के बाद किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं, लेकिन इसी बीच कृषि विभाग की बीज वितरण व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। किसानों का आरोप है कि समय पर बीज उपलब्ध नहीं होने से उन्हें कृषि विकास कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनका समय और आर्थिक नुकसान दोनों हो रहा है।
प्रदेश सरकार द्वारा खरीफ सीजन के लिए मूंगफली, उड़द, तिल और अरहर सहित विभिन्न फसलों के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। किसानों के अनुसार नौगांव कृषि विकास कार्यालय में गुजरात से मूंगफली की उन्नत किस्म का बीज भी बड़ी मात्रा में पहुंचा है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश पात्र किसानों को समय पर बीज नहीं मिल पा रहा है।
किसानों का आरोप है कि राजनीतिक पहुंच रखने वाले या अधिकारियों से संपर्क रखने वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर अधिक मात्रा में बीज दिया जा रहा है, जबकि छोटे और जरूरतमंद किसान निराश होकर लौट रहे हैं। कुछ किसानों ने कर्मचारियों और कथित दलालों के माध्यम से ₹1500 से ₹3000 तक की अवैध राशि मांगने तथा पंजीयन के नाम पर ₹50 वसूले जाने के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मानपुरा सहित आसपास के गांवों के किसानों का कहना है कि मूंगफली का वितरण केवल एक वेयरहाउस के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि उड़द, अरहर, मूंग और तिल के बीज नौगांव कार्यालय से वितरित किए जा रहे हैं। लगभग 75 ग्राम पंचायतों और 100 किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले विकासखंड के किसानों के लिए एक ही स्थान से वितरण व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। किसानों का कहना है कि ग्राम सेवकों के माध्यम से अलग-अलग वितरण केंद्र बनाए जाने चाहिए थे, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़ता।
कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उपलब्ध कराई गई मूंगफली की किस्म नौगांव क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के अनुरूप नहीं है तथा इसकी पैदावार कम होती है। ऐसे में कई किसान इस बीज को बाजार में बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों का बीज उपलब्ध कराना चाहिए।
किसानों ने कृषि विकास अधिकारी एस.बी. पटेल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रभावशाली किसानों को अधिक मात्रा में बीज उपलब्ध कराया गया, जबकि सामान्य किसानों की अनदेखी की गई। किसानों ने यह भी बताया कि बीते दो दिनों से अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
इस मामले में उपसंचालक कृषि विभाग, छतरपुर, मिश्रा ने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। यदि बीज वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी को तत्काल निर्देश देकर व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा।
बारिश के बाद खरीफ फसलों की बुवाई का महत्वपूर्ण समय तेजी से निकल रहा है। ऐसे में किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बीज वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए तथा सभी पात्र किसानों को बिना किसी भेदभाव के समय पर बीज उपलब्ध कराया जाए।

