बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। पॉक्सो (POCSO) अधिनियम से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में माननीय न्यायालय के समन की तामीली में कथित लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक (SP) वीरेंद्र जैन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसपी ने बैतूलबाजार थाना प्रभारी व कार्यवाहक निरीक्षक अंजना धुर्वे और आरक्षक लीलाधर डोंगरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। निलंबन अवधि में दोनों को रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) बैतूल संबद्ध किया गया है।


हाई कोर्ट की सख्ती के बाद खुली पोल

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) में लंबित एक प्रकरण की सुनवाई के बाद शुरू हुई:


  • गवाहों के बयान में देरी: माननीय न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि जुलाई 2025 से केस का ट्रायल (विचारण) प्रारंभ होने के बावजूद अब तक अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों के बयान दर्ज नहीं कराए जा सके।
  • न्यायालय का निर्देश: इस गंभीर देरी पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने और इस अत्यधिक विलंब के कारणों का पूरा प्रतिवेदन (Report) प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए थे।


एसडीओपी (SDOP) की जांच में उजागर हुईं ये खामियां

उच्च न्यायालय के निर्देश मिलते ही एसपी वीरेंद्र जैन ने मामले की जांच एसडीओपी बैतूल सुनील लाटा को सौंपी। जांच रिपोर्ट में समन तामीली को लेकर पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन न किए जाने की पुष्टि हुई। जांच में मुख्य रूप से निम्नलिखित कमियां सामने आईं:


  • कोर्ट द्वारा जारी किए गए समन की विधिवत तामीली गवाहों तक नहीं कराई गई।
  • कई मामलों में तय नियम के मुताबिक समन को गवाह के घर पर चस्पा (Notice Paste) नहीं किया गया।
  • गवाहों की अनुपलब्धता की स्थिति में उनके परिवार के सदस्यों को भी इस संबंध में कोई कानूनी सूचना नहीं दी गई।
  • सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि समन तामीली से जुड़ी बेहद आवश्यक और अनिवार्य प्रविष्टियां (Entries) थाने के रोजनामचे (Daily Diary) में दर्ज ही नहीं की गईं।


नए थाना प्रभारी की नियुक्ति और एसपी का सख्त संदेश

एसडीओपी के जांच प्रतिवेदन के आधार पर एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। निलंबन की इस अवधि के दौरान दोनों को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा और वे सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।


तत्काल नई नियुक्ति: बैतूलबाजार थाने की कमान अब कार्यवाहक निरीक्षक विजय सिंह ठाकुर (थाना प्रभारी अजाक) को सौंपी गई है, जिन्हें यहाँ का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। एसपी वीरेंद्र जैन ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पॉक्सो जैसे संवेदनशील और गंभीर मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया का समय पर पालन सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिक जिम्मेदारी है। भविष्य में भी इस प्रकार की वैधानिक लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर इसी तरह सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।