फ्लाईऐश परिवहन से फैला प्रदूषण, ग्रामीणों में नाराजगी

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बीना,बृजपाल सिंह राजपूत।बीना स्थित जेपी थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाईऐश के परिवहन से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। शासन द्वारा फ्लाईऐश परिवहन के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं, लेकिन इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्लांट के ऐश पाउंड से प्रतिदिन 200 से अधिक डंपरों के माध्यम से फ्लाईऐश का परिवहन किया जाता है। आरोप है कि कई वाहन क्षमता से अधिक फ्लाईऐश लोड कर रहे हैं और तिरपाल की बजाय केवल जालीनुमा नेट बांधकर परिवहन किया जा रहा है। इससे रास्ते भर राख उड़ती रहती है और सड़कों पर गिरती है, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार फ्लाईऐश का परिवहन पूरी तरह ढंके हुए ट्रकों या तिरपाल से ढंके वाहनों में किया जाना अनिवार्य है। बावजूद इसके नियमों की अनदेखी जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि राख के कारण घरों में रहना, खाना-पीना और दैनिक कार्य करना भी मुश्किल हो गया है। सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरटीओ, पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता के चलते कंपनियां मनमानी कर रही हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, इस मामले में स्थानीय अधिकारी मीडिया से कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर नियमों के अनुसार सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण पर रोक लगाई जा सके।
