कोलकाता। कोलकाता में सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने के फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं। इस मुद्दे पर टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने नगर निगम के नियमों का हवाला देते हुए अपनी बात रखी है।

मदन मित्रा ने कहा, ''हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि नगर निगम के नियमों के अनुसार, जैसे चौरंगी रोड का नाम बदलकर जवाहरलाल नेहरू रोड कर दिया गया, क्योंकि 'चौरंगी' किसी व्यक्ति का नाम नहीं था, बल्कि एक इलाके का नाम था। जहां तक हमें जानकारी है, नगर निगम में पहले से किसी व्यक्ति के नाम पर रखे गए रास्तों के नाम बदलने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है।''

उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कोई निर्णय लिया है, तो वह स्वीकार्य है, लेकिन नियमों की स्पष्टता जरूरी है।

यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब कोलकाता नगर निगम ने सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता नगर निगम के इस निर्णय की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह निर्णय 'ऐतिहासिक गलती को सुधारने' की दिशा में एक कदम है।

मुख्यमंत्री ने लिखा, ''मैं कोलकाता नगर निगम द्वारा लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय की सराहना करता हूं, जो पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर लिया गया। इससे ऐतिहासिक गलती को सुधारने में मदद मिलेगी। सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम अब गोपाल मुखर्जी रोड होगा।''

उन्होंने आगे कहा, ''दशकों तक शहर की एक प्रमुख सड़क ऐसे व्यक्ति के नाम पर रही जिसने राज्य शक्ति का गलत इस्तेमाल किया और राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोष लोगों की हत्या कराई। अब उस सड़क का नाम गोपाल मुखर्जी के नाम पर रखकर ऐतिहासिक न्याय स्थापित किया गया है।''

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल को अब अपने 'सच्चे नायकों' को याद करना और सम्मान देना चाहिए।