भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर सदन के बाहर सियासी माहौल गर्म रहा। कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा परिसर पहुंचे और गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।


विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार के पास समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे विषयों पर चर्चा और कानून बनाने का समय है, लेकिन प्रदेश के लाखों युवाओं और छात्रों की समस्याओं पर चर्चा करने की इच्छा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा, महंगाई और युवाओं से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाकर केवल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है। सिंघार ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।


दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस के विरोध का जवाब प्रदर्शन के जरिए दिया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और विधायक रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर विधानसभा के बाहर सड़कों पर उतरे। भाजपा नेताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर कांग्रेस पर लोकतंत्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए पोस्टरों में राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक तंज भी देखने को मिले।


भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में लगातार हार का सामना करने के बाद कांग्रेस अराजकता फैलाने और संविधान विरोधी गतिविधियों का सहारा ले रही है। खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के इन कृत्यों का विरोध करती है और इसी क्रम में पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। विधानसभा के तीसरे दिन दोनों प्रमुख दलों के आमने-सामने प्रदर्शन से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी टकराव तेज हो गया।