लिस्बन। फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल का सफर समाप्त हो गया है। राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में पुर्तगाल को स्पेन से हारकर टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। स्पेन ने 1-0 से जीत हासलि की। टूर्नामेंट में अपने खेल की वजह से आलोचना का शिकार रही पुर्तगाल टीम को अपने प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो का साथ मिला है।

मोंटेनेग्रो ने विश्व कप में टीम के कैंपेन पर गर्व जताया है और भविष्य में उनके लिए समर्थन मांगा है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर टीम का सपोर्ट किया, जिसने आखिरी समय में जीतने वाले मेरिनो से हारने से पहले बहादुरी से लड़ाई लड़ी।

मोंटेनेग्रो ने एक्स पर लिखा, "ये एथलीट पुर्तगाल के लिए सम्मान और गर्व लाते हैं। हमने आखिर तक लड़ाई लड़ी, और अब हम भविष्य का सामना जोश और आत्मविश्वास के साथ करेंगे। हम क्विनास (पुर्तगाली झंडे पर पांच शील्ड) को और भी चमकदार बनाने जा रहे हैं।"

राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल की हार के बाद टीम के दिग्गज और फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किए जाने वाले रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना भी टूट गया है।

पुर्तगाल के विश्व कप से बाहर होने के बाद टीम के हेड कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही रोनाल्डो ने भी कहा है कि विश्व कप का उनका ये आखिरी मैच था। हालांकि, आधिकारिक रूप से उन्होंने संन्यास की घोषणा नहीं की है।

मार्टिनेज ने रोनाल्डो को एक बेहतरीन कप्तान बताया। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल के साथ में कभी भी रोनाल्डो की टीम के लिए प्रतिबद्धता कम नहीं हुई।

उन्होंने कहा, "क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे बहुत कम हैं। उनका सपना विश्व कप जीतना था। उन्होंने उस सपने के लिए सब कुछ दे दिया। वह एक फुटबॉलर, एक कप्तान और एक इंसान के तौर एक मिसाल रहे हैं।"

वहीं, मैच के बाद रोनाल्डो ने कहा, "वर्ल्ड कप को इस तरह छोड़ना दुखद है। मैंने अपना श्रेष्ठ दिया और मैं साफ मन से जा रहा हूं। एक फुटबॉल खिलाड़ी की जिंदगी ऐसी ही होती है। कभी हम जीतते हैं, कभी हारते हैं और हमें आगे बढ़ते रहना होता है। सच तो यह है कि यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप था।"