दांबुला। 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने रविवार को श्रीलंका-ए के खिलाफ 29 गेंदों में 8 छक्कों और 10 चौकों के साथ 94 रन की पारी खेली। इस दौरान वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाया। इसी के साथ वैभव 'लिस्ट-ए' क्रिकेट में सबसे तेज पचासा जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए टीम ने 9 विकेट खोकर 377 रन बनाए। इसके जवाब में श्रीलंका-ए 47.1 ओवरों में 311 रन पर सिमट गई। फाइनल में मैच जिताऊ पारी खेलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उनकी पारी बाहरी उम्मीदों के बजाय अपनी योजनाओं पर टिके रहने का नतीजा थी। किशोर खिलाड़ी ने आलोचकों को यह भी याद दिलाया कि उनका खेल सिर्फ टी20 फॉर्मेट तक ही सीमित नहीं है।
भारत की खिताबी जीत में 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने जाने के बाद बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि पारी की शुरुआत में उनका एकमात्र मकसद फील्डिंग प्रतिबंधों का पूरा फायदा उठाना और फाइनल से पहले की गई अपनी मेहनत पर भरोसा करना था।
सूर्यवंशी ने कहा, "मैंने ज्यादा नहीं सोचा। बस पहले 10 ओवरों का पूरा फायदा उठाना चाहता था और अपनी योजना को लागू करना चाहता था।"
आईपीएल-2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव काफी उम्मीदों के साथ ट्राई-सीरीज के फाइनल में पहुंचे थे। हालांकि, वैभव ने बताया कि बाहरी उम्मीदों का उन पर कभी कोई दबाव नहीं पड़ा। उनका ध्यान उन तकनीकी कमियों को सुधारने पर था जो टूर्नामेंट में पहले उन्हें परेशान कर रही थीं।
इस युवा खिलाड़ी ने कहा, "मुझ पर कोई दबाव नहीं था, लेकिन मैं उन योजनाओं को लागू करने की कोशिश कर रहा था जो काम नहीं कर रही थीं। मैंने कोच से बात की और प्रैक्टिस में उस पर काम किया। आज योजना सही ढंग से लागू हुई और नतीजा अपने आप सामने आ गया।"
इस युवा बल्लेबाज ने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उन्हें सिर्फ टी20 स्पेशलिस्ट मानते हैं। वैभव ने हंसते हुए कहा, "मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैंने 50 ओवर के मैच भी काफी खेले हैं। शायद लोगों को यह पता नहीं है। अलग-अलग हालात, अलग-अलग पिच और खेलने का थोड़ा अलग तरीका, लेकिन यह मजेदार था। यह एक अच्छी सीरीज रही।"
फाइनल के संदर्भ में उनका यह जवाब काफी अहम था। इसी टूर्नामेंट में वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंका-ए के खिलाड़ियों के साथ मैदान पर तीखी बहस हुई थी। कहा जाता है कि विशेन हलंबागे ने उनसे कहा था, "घर जाओ, यह आईपीएल नहीं है।" उस ग्रुप-स्टेज मैच के बाद, सूर्यवंशी ने हलंबागे को धक्का दिया और हलंबागे ने भी वैभव को वापस धक्का दिया, जिसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों को बीच-बचाव करना पड़ा। इसके बाद वैभव ने फाइनल में अपने बल्ले से जवाब दिया है।

