सियोल। उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री किम सोंग-गी ने दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास 'फ्रीडम एज' की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी देश उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य टकराव को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे तो प्योंगयांग "उचित और कड़े जवाबी कदम" उठाएगा।

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के माध्यम से जारी बयान में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह सैन्य अभ्यास कोरियाई प्रायद्वीप और उससे आगे के क्षेत्रों में अस्थिरता को चरम स्तर तक ले जा रहा है।

किम सोंग-गी ने कहा, "यदि अमेरिका और उसके सहयोगी डीपीआरके (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के खिलाफ नया सैन्य टकराव भड़काने का प्रयास करते हैं, तो हम अपनी ताकत के आधार पर सख्त और जवाबी कार्रवाई करेंगे।"

बता दें कि 29 अगस्त को रक्षा मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद यह किम सोंग-गी का पहला सार्वजनिक बयान है। उन्होंने पूर्व रक्षा मंत्री नो क्वांग-चोल का स्थान लिया है।

उत्तर कोरियाई रक्षा मंत्री ने अमेरिका के नेतृत्व में होने वाले 'ओरिएंट शील्ड' सैन्य अभ्यास पर भी आपत्ति जताई, जिसमें जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने इस वर्ष दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना के मल्टीडोमेन मोबाइल टास्क फोर्स की प्रस्तावित तैनाती पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य सहयोग एक ऐसे आक्रामक ढांचे में बदलता जा रहा है, जिसमें परमाणु तत्व भी शामिल हैं। उनके अनुसार, अमेरिका के नेतृत्व में लगातार सैन्य अभ्यास आयोजित किए जा रहे हैं।

किम सोंग-गी ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो उत्तर कोरिया अपने विरोधियों की गतिविधियों का जवाब और अधिक शक्तिशाली तथा निर्णायक कदमों से देगा।

इस बीच, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने सोमवार से पांच दिवसीय 'फ्रीडम एज' संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के कुछ प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यासों को हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर सीमित किया गया था।

क्षेत्र में बढ़ते सैन्य सहयोग और उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया को लेकर एक बार फिर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।