सिवनी, सतीश चंद्रा । थाना लखनादौन पुलिस ने ग्राम सिहोरा में हुए चर्चित अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के भतीजे ने जादू-टोना करने के संदेह और जमीन-जायदाद के विवाद के चलते अपने ही चाचा की हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार 3 जुलाई 2026 को ग्राम सिहोरा के तालाब किनारे मोहनलाल पिता लखनलाल गोल्हानी का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान संदेह के आधार पर मृतक के भतीजे राहुल गोल्हानी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसकी तबीयत खराब रहने पर उसे संदेह था कि उसके चाचा जादू-टोना करते हैं। साथ ही जमीन-जायदाद में चाचा को अधिक हिस्सा मिलने से वह रंजिश रखता था। इसी कारण उसने आकाश महोबिया से डेढ़ लाख रुपये में अपने चाचा की हत्या कराने का सौदा तय किया।
पुलिस के अनुसार 2 जुलाई 2026 की रात आकाश महोबिया अपने साथियों के साथ ग्राम सिहोरा पहुंचा। इस दौरान आरोपी गीताबाई ने मृतक की लोकेशन उपलब्ध कराई, जबकि राहुल ने डीएपी खाद दिखाने के बहाने अपने चाचा को तालाब के पास बुलाया। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने गमछे से गला घोंटकर मोहनलाल की हत्या कर दी और शव को तालाब किनारे फेंककर फरार हो गए।
लखनादौन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और सूक्ष्म विवेचना के आधार पर पूरे मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।




