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मध्य प्रदेश की सरकार क्यों लेने जा रही इतना बड़ा कर्ज...

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10 मार्च 2026, 08:39 am IST
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भोपाल। मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने होली के दौरान 6300 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बाद मंगलवार को फिर से तीन नए कर्ज लेने का फैसला किया है। इन तीनों कर्जों की कुल राशि 5800 करोड़ रुपये है, जिसका भुगतान बुधवार को किया जाएगा। इन नए कर्जों के साथ चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कुल कर्ज का आंकड़ा बढ़कर करीब 84,900 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। वहीं प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर लगभग 5 लाख 6 हजार 640 करोड़ रुपये हो जाएगी।


आज लिए जा रहे 5800 करोड़ रुपये के कर्ज में अलग-अलग अवधि के बॉन्ड शामिल हैं। इसमें 1900 करोड़ रुपये का कर्ज 10 साल की अवधि के लिए, 1700 करोड़ रुपये का कर्ज 14 साल के लिए और 2200 करोड़ रुपये का कर्ज 21 साल की अवधि के लिए लिया जा रहा है। मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के माध्यम से मध्य प्रदेश सहित कई राज्य सरकारें बॉन्ड की नीलामी कर कुल 45,960 करोड़ रुपये का कर्ज लेंगी। इस नीलामी में कर्नाटक 10 हजार करोड़ और तमिलनाडु 8 हजार करोड़ रुपये की उधारी लेगा।


केंद्र सरकार भी राज्यों को पूंजीगत खर्च बढ़ाने के लिए 50 साल का ब्याज-मुक्त कर्ज उपलब्ध करा रही है। इसी कारण राज्यों ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही से ही ज्यादा उधारी लेना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश में योजनाओं, उद्योग और कृषि में निवेश के साथ ही पुराने कर्ज के मूलधन और ब्याज के भुगतान के लिए भी बड़ी राशि की आवश्यकता बताई जा रही है।


होली से पहले लिया था 6300 करोड़ का कर्ज


होली से एक दिन पहले सरकार ने चार अलग-अलग कर्ज लेकर कुल 6300 करोड़ रुपये जुटाए थे। वित्त विभाग के नोटिफिकेशन के अनुसार 1800 करोड़ रुपये का कर्ज 9 साल के लिए, 1600 करोड़ रुपये का कर्ज 13 साल के लिए, 1300 करोड़ रुपये का कर्ज 15 साल के लिए और 1600 करोड़ रुपये का कर्ज 23 साल की अवधि के लिए लिया गया था। यह एक ही दिन में चालू वित्त वर्ष का सबसे बड़ा कर्ज माना गया।


17 फरवरी को भी लिए थे चार कर्ज


राज्य सरकार ने इससे पहले 17 फरवरी को भी चार अलग-अलग कर्ज लिए थे। इनमें 1200 करोड़ रुपये (8 साल), 1400 करोड़ रुपये (13 साल), 1600 करोड़ रुपये (19 साल) और 1400 करोड़ रुपये (23 साल) की अवधि के लिए कर्ज लिया गया था। इन सभी कर्जों की अदायगी हर छह महीने में ब्याज भुगतान के साथ की जाएगी।


पिछले वित्त वर्ष का कर्ज


31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपये था, जो अब लगातार नई उधारी के कारण तेजी से बढ़ता जा रहा है।

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