जीवित शिक्षक को पोर्टल में दर्ज किया मृत, आवेदन के बाद भी नहीं हुआ सुधार

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मैहर, अंबिका केशरी। करोड़ों के फर्जी भुगतान के मामलों के बीच शिक्षा विभाग में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मैहर जिले के रामनगर विकासखंड अंतर्गत सगौनी संकुल में पदस्थ एक शिक्षक को विभागीय पोर्टल पर मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि संबंधित शिक्षक पूरी तरह जीवित हैं और नियमित रूप से विद्यालय में ड्यूटी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग के पोर्टल एवं हमारे शिक्षक एप पर गलत मृत्यु प्रविष्टि दर्ज होने के कारण शिक्षक का पूरा सेवा रिकॉर्ड पोर्टल से हट गया। इसके चलते वेतन भुगतान सहित सेवा से जुड़ी अन्य शासकीय प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। बताया जा रहा है कि यह मृत्यु प्रविष्टि संकुल प्राचार्य, पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सगौनी की आईडी से भेजी गई थी, जिसे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा भी स्वीकृत कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद संकुल स्तर से लिखित रूप में स्वीकार किया गया कि यह प्रविष्टि त्रुटिवश दर्ज हुई है तथा उसे निरस्त करने का अनुरोध संबंधित कार्यालय को भेजा गया है।
पीड़ित शिक्षक दामोदर प्रसाद साकेत ने अपने जीवित और कार्यरत होने के प्रमाण स्वरूप ड्यूटी सर्टिफिकेट एवं उपस्थिति पंजी भी प्रस्तुत किए हैं। इसके बावजूद अब तक पोर्टल पर उनका सेवा रिकॉर्ड बहाल नहीं हो सका है। इस घटना के चलते शिक्षक को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर तत्काल सुधार की मांग की है। साथ ही, इस गंभीर लापरवाही में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग भी की है।
यह प्रकरण बिना भौतिक सत्यापन के इतनी गंभीर प्रविष्टि को स्वीकृति दिए जाने पर विभागीय निगरानी व्यवस्था और डिजिटल सत्यापन प्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
