रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को पुराने विधानसभा परिसर के पास पहला बैरिकेड तोड़ दिया और विधानसभा की ओर बढ़ गए। 24 जिलों से पहुंचे हजारों छात्र हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लिए मार्च कर रहे हैं। छात्रों के आगे बढ़ने के बाद तनाव बढ़ गया है।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है। छात्रों को रोकने के लिए पुरानी विधानसभा के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, बड़ी संख्या में छात्रों ने पहला बैरिकेड पार कर लिया। इसके बाद वे आगे की ओर बढ़ने लगे। प्रशासन ने विधानसभा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा समेत विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी। इसके बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। सुबह से ही बिरसा चौक, पुराने विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में छात्रों की भीड़ जुटती रही। राज्य के 24 जिलों से छात्र बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से रांची पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में छात्रों ने रविवार रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, अटल स्मृति वेंडर मार्केट और आसपास के परिसरों में रात गुजारी।
इधर, छात्र आंदोलन के बीच भाजपा ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में भाजपा विधायकों की बैठक हुई। बैठक में आंदोलन को लेकर रणनीति पर चर्चा के बाद भाजपा विधायक और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। करीब 9.45 बजे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया।
प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू और कई विधायक शामिल हैं। विधानसभा घेराव को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
विधानसभा के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं। छात्रों के पहले बैरिकेड को पार करने के बाद अब उनकी नजर आगे की सुरक्षा व्यवस्था पर है। प्रशासन की कोशिश छात्रों को विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोकने की है, वहीं छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।




