छतरपुर, विनोद मिश्रा। शहर में जमीन विवाद का मामला एक बार फिर चर्चा में है। डॉ. मांडवी साहू के पिता द्वारका प्रसाद साहू ने पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर एवं ओरछा रोड थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उनकी पुत्री के नाम दर्ज प्लॉट पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से वैधानिक निर्माण कार्य के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आरोपितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, डॉ. मांडवी साहू ने 9 सितंबर 2008 को पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से संबंधित प्लॉट खरीदा था। द्वारका प्रसाद साहू का कहना है कि प्लॉट की चौहद्दी के अनुसार पहले ही पिलर एवं कच्ची बाउंड्री का निर्माण कराया जा चुका था। उन्होंने बताया कि अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) छतरपुर द्वारा 18 जून 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में 21 जून 2026 से दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया गया।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि निर्माण शुरू होते ही सरताज निजामी, मुहम्मद शहनबाज, मुवीन हुसैन, रिजवान राइन सहित कुछ अन्य लोग मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि पुलिस द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 25 जून तक कार्य रोकने की सलाह दी गई, जिससे मजदूरों, जेसीबी मशीन एवं अन्य संसाधनों का भुगतान करना पड़ा और आर्थिक नुकसान हुआ।
द्वारका प्रसाद साहू के अनुसार, 25 जून को दोबारा निर्माण शुरू करने पर विरोध करने वाले लोग फिर मौके पर पहुंच गए और काम रुकवा दिया। उन्होंने डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। शिकायत के मुताबिक, दूसरी ओर से 30 जून तक का समय मांगा गया और पुलिस ने एक बार फिर शांति बनाए रखने के लिए निर्माण कार्य रोकने की सलाह दी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी विरोध नहीं रुका। उनका कहना है कि संबंधित लोगों ने जेसीबी से पिलर तोड़ने का प्रयास किया, जान से मारने की धमकी दी तथा धार्मिक आधार पर दबाव बनाने की कोशिश की। साथ ही आरोप लगाया गया है कि आम रास्ते से संबंधित खसरा नंबर की रजिस्ट्री के आधार पर उनके प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
द्वारका प्रसाद साहू ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य रोकने का अधिकार नगर पालिका के पास नहीं है, बल्कि यह अधिकार अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व अमले का है। इसके बावजूद कथित रूप से नगर पालिका के उड़नदस्ता कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोकने का दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि इसी भूमि विवाद को लेकर वर्ष 2021 में अर्चना चंसौरिया द्वारा अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष धारा 145 के तहत प्रकरण दायर किया गया था, जिसमें निर्णय डॉ. मांडवी साहू के पक्ष में आया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें अपनी भूमि पर वैधानिक रूप से निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, निर्माण में बाधा डालने वालों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें बिना किसी भय और व्यवधान के अपने प्लॉट पर निर्माण करने की अनुमति सुनिश्चित कराई जाए।




