गाले। श्रीलंका को पहले टेस्ट मुकाबले में बुधवार को भारत के खिलाफ 165 रनों से हार का सामना करना पड़ा। बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन टीम की हार का मुख्य कारण रहा। मैच के बाद श्रीलंका के हेड कोच गैरी कर्स्टन ने कहा कि उनकी टीम को ज्यादा टेस्ट क्रिकेट खेलने से हुई प्रगति को अच्छे प्रदर्शन में बदलने की जरूरत है।इस हार के साथ ही कर्स्टन के कोच रहते हुए श्रीलंका की पहली टेस्ट जीत का इंतजार और लंबा हो गया है। उनके कोच बनने के बाद से टीम अपने तीन में से दो मैच हार चुकी है। श्रीलंका को जून में एंटीगा में वेस्टइंडीज के हाथों भी हार का सामना करना पड़ा था।

कर्स्टन ने खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों में से एक के तौर पर रेगुलर टेस्ट क्रिकेट न खेलने का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गाले टेस्ट इस फॉर्मेट में कुछ महीनों के अंदर उनका सिर्फ तीसरा मैच था। हार के बाद कर्स्टन ने कहा, "कभी-कभी जब आप ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं, तो यह समझना मुश्किल होता है कि आपको कैसे खेलना है। कुछ महीनों के अंदर यह हमारा तीसरा टेस्ट है, और मैं टीम को आगे बढ़ते हुए देख रहा हूं। हम टीम को एक आकार देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमें इसे किसी न किसी समय अच्छे प्रदर्शन में बदलना होगा।"

चौथी पारी में 372 रनों का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम 206 रनों पर ऑलआउट हो गई। भारत के युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने 55 रन देकर 6 विकेट लिए और मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए। कर्स्टन ने इस बात पर जोर दिया कि श्रीलंका को ऐसा गेंदबाजी अटैक तैयार करने की आवश्यकता है जो लगातार 20 विकेट लेने में सक्षम हो। उन्होंने कहा, "आपको लगातार 20 विकेट लेने में सक्षम होना होगा, अपनी तेज गेंदबाजी और स्पिन से भी टीमों को ऑलआउट करना होगा। यह बहुत जरूरी है कि हम उस टेस्ट मैच स्क्वाड को तैयार करें।"

कोच ने आने वाले महीनों में श्रीलंका को और टेस्ट मैच खेलने का मौका मिलने का भी स्वागत किया। कर्स्टन ने कहा, "मुझे लगता है कि आज के खिलाड़ियों के लिए खासकर श्रीलंका में चुनौती यह है कि वे अधिक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं।" उन्होंने कहा, "कम से कम अगले छह महीनों में हमें और छह टेस्ट मैच खेलने हैं, इसलिए टेस्ट मैच के माहौल में ढलना, रन बनाना सीखना, लंबे समय तक बल्लेबाजी करना और लंबे समय तक खेल पर अपना असर बनाए रखना समझना बहुत अच्छा रहेगा।"