मुंबई। जम्मू-कश्मीर में पहली बार होने जा रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (आईएफएफजेके) 2026 को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को इस फिल्म फेस्टिवल के लोगो का अनावरण करेंगे, जिसके साथ ही इस बड़े आयोजन की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी।लोगो अनावरण समारोह श्रीनगर के रॉयल स्प्रिंग्स गोल्फ कोर्स में शाम साढ़े पांच बजे आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, फिल्म जगत से जुड़े लोगों और अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों के शामिल होने की संभावना है।

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर 2026 का उद्देश्य देश और दुनिया के फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक बड़ा मंच देना है। इसके जरिए जम्मू-कश्मीर की संस्कृति, यहां की परंपराओं, प्राकृतिक खूबसूरती और अलग-अलग कहानियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह फिल्म फेस्टिवल जम्मू-कश्मीर को सिनेमा और कला के क्षेत्र में एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। इस आयोजन से फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यटन और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। फिल्म, मीडिया और रचनात्मक उद्योग से जुड़े स्थानीय लोगों को भी इससे काफी फायदा मिलने की उम्मीद है।

इस फिल्म फेस्टिवल का पहला संस्करण 7 सितंबर से 10 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य आयोजन श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसरेआईसीसी) में होगा। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के कई खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर ओपन-एयर स्क्रीनिंग और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कुछ कार्यक्रम 11 सितंबर तक जारी रह सकते हैं।

इस महोत्सव का आयोजन जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) और नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएफडीसी) के सहयोग से किया जा रहा है। फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ भारतीय सिनेमा, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, स्टूडेंट फिल्म, एनीमेशन और क्षेत्रीय फिल्मों को भी जगह दी जाएगी।

फिल्म निर्माताओं के लिए कॉम्पिटिशन एंट्री 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी हैं और 31 जुलाई 2026 तक जारी रहेंगी। इसमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर और बेस्ट एक्टर (मेल और फीमेल) जैसी कैटेगिरी शामिल हैं। दुनिया भर के फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों को प्रतियोगिता के लिए भेज सकेंगे।

फेस्टिवल के दौरान इंडस्ट्री फोरम, टेक्निकल वर्कशॉप और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को एक-दूसरे से जोड़ना और जम्मू-कश्मीर के पुराने सिनेमाई इतिहास को फिर से मजबूत करना है।