ग्रेटर नोएडा, 2 जून । भारत सरकार में सहायक सचिव के रूप में तैनात छह आईएएस अधिकारियों ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचकर यहां विकसित की जा रही स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब (एमएमएलएच) और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) परियोजनाओं का अध्ययन किया।अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विकास परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा मौके पर जाकर परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस एवं प्रेरणा सिंह ने अधिकारियों का स्वागत किया। अध्ययन दौरे पर आए आईएएस अधिकारियों में आयुषी प्रधान, बेंजो पी. जोस, फडतरे अनितेश अशोक, प्रिया रानी, सलोनी छाबड़ा और जुफिशन हक शामिल रहे।

बैठक के दौरान सीईओ एनजी रवि कुमार ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली, भूमि अधिग्रहण, आधारभूत संरचना विकास तथा निवेश आकर्षित करने की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों से भूमि लेकर उद्योगों को उपलब्ध कराने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना और आर्थिक विकास को गति देना है। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की सलाह भी दी।

एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में अब तक 30 से अधिक बड़ी कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इनमें कई प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं, जबकि हायर जैसी प्रमुख कंपनी ने अपना संचालन भी शुरू कर दिया है। इन कंपनियों द्वारा लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है और करीब 23 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।

वहीं, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां ऑटोमेटिक वेस्ट कलेक्शन सिस्टम, 24 घंटे बिजली-पानी की आपूर्ति और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई है। इसके अलावा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के अंतर्गत रेल, मेट्रो और बस टर्मिनल को एकीकृत रूप से विकसित करने की योजना पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।

बैठक के बाद आईएएस अधिकारियों ने आईआईटीजीएनएल टाउनशिप, एमएमएलएच और एमएमटीएच परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वहां विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर को करीब से देखा। इस दौरान आईआईटीजीएनएल की टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परियोजनाओं की प्रगति और आधुनिक सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे देश के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मॉडल बताया।