ऑकलैंड। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का सोमवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित एचएमएनजेडएस फिलोमेल नौसैनिक अड्डे पर पारंपरिक माओरी पोहिरी समारोह के साथ स्वागत किया गया। यह स्थान रॉयल न्यूजीलैंड नेवी के कर्मियों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है।यह गर्मजोशी भरा स्वागत भारत और न्यूजीलैंड के बीच आपसी सम्मान, दोस्ती और मजबूत समुद्री संबंधों को दर्शाता है।

भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, "परंपरा ने शब्दों से पहले अपनी बात कही। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का ऑकलैंड के डेवनपोर्ट नौसैनिक अड्डे पर पारंपरिक माओरी पोहिरी के साथ स्वागत किया गया। यह न्यूजीलैंड नौसेना की पहचान में गहराई से जुड़े सम्मान, आतिथ्य और स्वागत की भावना का एक शक्तिशाली प्रतीक है। यह न्यूजीलैंड की विशिष्ट परंपराओं के साथ शुरू हुई ऐसी यात्रा है, जो लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों, आपसी सम्मान और साझा समुद्री परंपराओं पर आधारित है।"

अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना प्रमुख ने न्यूजीलैंड में भारत की उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी और कॉन्सुल जनरल मदन मोहन सेठी से भी मुलाकात की।

न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायोग ने 'एक्‍स' पर कहा, "नौसेना प्रमुख की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंध और समुद्री सहयोग लगातार मजबूत हो रहे हैं।"

एडमिरल स्वामीनाथन ऑस्ट्रेलिया में सफल बैठकों और कार्यक्रमों के बाद ऑकलैंड पहुंचे। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच नौसैनिक संबंधों को और मजबूत बनाना है।

यह यात्रा जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आए नए उत्साह को आगे बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था। साथ ही रक्षा, समुद्री सुरक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी।

इस दौरे के दौरान एडमिरल स्वामीनाथन रॉयल न्यूजीलैंड नेवी और न्यूजीलैंड रक्षा नेतृत्व के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे।

रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इन बैठकों में दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन संबंधी सहयोग, सूचनाओं के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। वे न्यूजीलैंड के महत्वपूर्ण नौसैनिक संचालन और प्रशिक्षण केंद्रों का भी दौरा करेंगे। इसके अलावा, रॉयल न्यूजीलैंड नेवी के अधिकारियों और सैन्य शिक्षा प्राप्त कर रहे अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा हाल ही में हुए मैरीटाइम कोऑपरेशन अरेंजमेंट के संदर्भ में खास महत्व रखती है। यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यावहारिक समुद्री सहयोग को बढ़ाने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है।

मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ भारत के बढ़ते रक्षा और समुद्री सहयोग को दर्शाता है। साथ ही यह दिखाता है कि भारतीय नौसेना रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी और रॉयल न्यूजीलैंड नेवी के साथ लगातार और व्यावहारिक सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के सहयोग से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।