डोडा, 1 जून । जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर आई एक फ्रेंड रिक्वेस्ट भारी पड़ गई। एक अनजान लड़की के नाम से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग में बदल गई। पीड़ित ने दावा किया कि उसे देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसाया गया और मना करने पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी गईं।

आईएएनएस से बातचीत में पीड़ित ने बताया कि मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी। उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो पर एक अनजान लड़की के अकाउंट से कमेंट आया। इसके बाद उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। शख्स ने इसे स्वीकार कर लिया।

इसके बाद पीड़ित फेसबुक पर ही उस लड़की से बातचीत करने लगा। दोनों के बीच काफी समय तक बातें हुईं और फिर मार्च महीने में लड़की ने पीड़ित से व्हाट्सएप नंबर मांगा। उसने खुद को जम्मू-कश्मीर का निवासी बताया था, जहां का पीड़ित भी रहने वाला था। ऐसे में बिना किसी संकोच के शख्स ने अपना नंबर साझा कर दिया।

इसके बाद जब व्हाट्सएप पर संदेश आया तो उसके होश उड़ गए। शख्स का कहना है कि नंबर दुश्मन देश का था। मैंने जब लड़की से बातचीत की तो वह मुझसे कई तरह के गलत काम करने के लिए कहने लगी। मैंने इनकार कर दिया तो मुझ पर दबाव बनाया जाने लगा। इसके बाद मैंने वह नंबर ब्लॉक कर दिया।

पीड़ित ने बताया कि जब मैंने नंबर ब्लॉक किया तो मेरे पास दूसरे नंबरों से संदेश आने लगे और मुझे गलत काम करने के लिए उकसाया जाने लगा। जब मैंने उनके कहे अनुसार कुछ नहीं किया तो मुझे धमकियां दी जाने लगीं। परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई, यहां तक कि बच्चों को भी मार देने की बात कही गई।

शख्स ने बताया कि मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि अगर कोई अजनबी प्रोफाइल से संदेश भेजे या मीठी-मीठी बातें करे तो उससे दूरी बना लें। वह कभी भी आपका सच्चा दोस्त नहीं हो सकता। लड़कियों के नाम से आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट से बचें। खासतौर पर ऐसे संदिग्ध कॉल या संदेशों का जवाब न दें।

उसने कहा कि अगर कोई देश से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें। न डरें और न ही किसी लालच में आएं। सोशल मीडिया पर यदि कोई ब्लैकमेल करता है तो उसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जा सकती है, क्योंकि ऐसे लोगों के बहकावे में आने से कोई फायदा नहीं होगा।